ITR Filing 2024: वित्तीय वर्ष 2023-24 और एसेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने का मौसम चल रहा है और लोग कटौती और छूट का दावा करने के सभी संभावित तरीकों की तलाश कर रहे हैं। इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक टैक्सपेयर और वेतनभोगी व्यक्ति 1.5 लाख रुपए की सीमा से अधिक कटौती का दावा कर सकते हैं। घर के मालिकों के लिए राहत की बात यह है कि इनकम टैक्स अधिनियम इस उद्देश्य के लिए लिये गए लोन पर किए गए ब्याज भुगतान पर 1.5 लाख रुपए का लाभ प्रदान करते हैं। विशेष रूप से यहां जिस लाभ की चर्चा की जा रही है, वह इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत दी जाने वाली 1.5 रुपए की सीमा से अधिक है।
होम लोन पर इनकम टैक्स लाभ
'हाउसिंग फॉर ऑल' के उद्देश्य के तहत केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2022 के बीच की अवधि के दौरान लिए गए कम लागत वाले होम लोन के लिए ब्याज कटौती को बढ़ा दिया था। इसके अनुसार एससेमेंट ईयर 2020-21 (वित्त वर्ष 2019-20) से ब्याज कटौती की अनुमति देने के लिए एक नई सेक्शन 80EEA डाली गई थी। जबकि सेक्शन 80EE के पुराने प्रावधान से इंडिविजुअल्स पहली बार घर खरीदने वालों द्वारा भुगतान किए गए ब्याज पर 50000 रुपए तक की कटौती का दावा कर सकते थे, लेटेस्ट वर्जन 1.5 लाख रुपये तक का लाभ प्रदान करता है।
इनकम टैक्स वेबसाइट पर उपलब्ध AY2024-25 के लिए अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के अनुसार पहली बार रेजिडेंशियल होम प्रॉपर्टी के अधिग्रहण के लिए लिए गए लोन पर किए गए ब्याज भुगतान के लिए केवल इंडिविजुल्स को कटौती उपलब्ध है, जहां लोन 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2022 के बीच स्वीकृत किया गया है और सेक्शन 80EE के तहत कटौती का दावा नहीं किया जाना चाहिए।
इस सेक्शन के तहत इंडिविजुअल्स द्वारा लिए गए लोन पर चुकाए गए ब्याज पर 1,50,000 रुपए तक की इनकम टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं। यहां यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इस टैक्स का लाभ उठाने के लिए टैक्सपेयर को पहली बार घर खरीदना चाहिए। लोन की स्वीकृति की तारीख तक टैक्सपेयर के पास कोई आवासीय घर नहीं होना चाहिए।
