ITC and Godfrey Phillips share price Crash: सिगरेट और तंबाकू से जुड़े उत्पाद बनाने वाली कंपनियों के निवेशक इन दिनों चिंतित हैं। इस सेक्टर की दो सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनियों के शयरों में दो दिन से जोरदार गिरावट जारी है। शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत होते ही दोनों कंपनियों के शेयरों में 4-4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट हुई। हालांकि, बाद में निचले स्तर से रिकवरी भी देखने को मिली, लेकिन पूरे दिन दोनों स्टॉक लाल निशान में ही कारोबार करते रहे।
सरकार ने क्या कहा?
केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर, 2025 की देर शाम जारी नोटिफिकेशन में सिगरेट, बीडी और पान मसाला पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया। नोटिफिकेशन के मुताबिक 1 फरवरी 2026 से 1000 सिगरेट स्टिक्स पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक एक्साइज ड्यूटी देनी होगी। सरकार का कहना है कि इस बढ़ोतरी का मकसद तंबाकू उत्पादों की खपत को हतोत्साहित करना और राजस्व संग्रह को मजबूत करना है। सरकार ने यह भी साफ किया कि तंबाकू जैसे ‘सिन गुड्स’ पर टैक्स पॉलिसी पब्लिक हेल्थ के नजरिये से तय की जाती है और आने वाले समय में ऐसे उत्पादों पर टैक्स स्ट्रक्चर की समीक्षा जारी रह सकती है।
दो दिन में क्या हुआ स्टॉक्स में
गुरुवार को ITC का शेयर इंट्रा-डे में करीब 10 फीसदी तक टूट गया, जो लगभग छह साल में सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। वहीं Godfrey Phillips India का शेयर दिन के अंत तक करीब 17 फीसदी नीचे बंद हुआ। दोनों शेयरों में ट्रेडिंग वॉल्यूम तीन महीने के औसत से 20 गुना से ज्यादा रहा, जो साफ तौर पर पैनिक सेलिंग का संकेत देता है।
ब्रोकरेज और एनालिस्ट क्या कह रहे हैं
ब्रोकरेज फर्म Jefferies Financial Group Inc। के मुताबिक टैक्स बढ़ोतरी बाजार के अनुमान से ज्यादा है। इससे खासतौर पर ITC पर दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि कंपनी की कुल रेवेन्यू का 40 फीसदी से ज्यादा हिस्सा सिगरेट बिजनेस से आता है। इसके अलावा ITC के लिए एक और ओवरहैंग यह है कि इसकी सबसे बड़ी शेयरहोल्डर British American Tobacco Plc पहले से ही कंपनी में अपनी हिस्सेदारी घटा रही है।
ITC और Godfrey के लिए आगे का रास्ता
ET Now के पैनलिस्टों के मुताबिक शॉर्ट टर्म में दोनों शेयरों में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है। हाई टैक्स सीधे तौर पर प्राइसिंग, डिमांड और मार्जिन पर दबाव डालेगा। हालांकि, ITC के पास FMCG, होटल और एग्री बिजनेस जैसे डाइवर्सिफाइड सेगमेंट हैं, जो लॉन्ग टर्म में कुछ हद तक झटका कम कर सकते हैं। Godfrey Phillips का बिजनेस ज्यादा हद तक सिगरेट पर केंद्रित है, इसलिए उस पर टैक्स शॉक का असर तुलनात्मक रूप से ज्यादा दिख सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
ITC का शेयर फरवरी 2023 के बाद सबसे निचले स्तरों के आसपास पहुंच चुका है। ऐसे में लॉन्ग टर्म निवेशक वैल्यू और डाइवर्सिफिकेशन एंगल से नजर रख सकते हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म में जल्द रिकवरी की उम्मीद फिलहाल कमजोर दिखती है। Godfrey Phillips में जोखिम ज्यादा है और यहां निवेश से पहले टैक्स के असर को लेकर तस्वीर साफ होना जरूरी होगा।
