शाम की पूजा से पहले हाथ-मुंह धो लें या संभव हो तो स्नान करें। इसके बाद साफ और हल्के रंग के कपड़े पहनकर शांत मन से पूजा की शुरुआत करें।
हनुमान जी के सामने सरसों के तेल या शुद्ध घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। साथ में अगरबत्ती या धूप भी जला सकते हैं। पूजा के समय मन को शांत रखें।
हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाने की परंपरा है। इसके साथ लाल फूल या तुलसी के पत्ते भी श्रद्धा से अर्पित किए जा सकते हैं।
शाम के समय हनुमान चालीसा का पाठ करना सबसे सरल और लोकप्रिय माना जाता है। यदि समय हो तो सुंदरकांड का पाठ भी किया जा सकता है।
हनुमान जी को गुड़-चना, बूंदी के लड्डू या मौसमी फल का भोग लगा सकते हैं। भोग हमेशा श्रद्धा से लगाएं, मात्रा से ज्यादा भावना का महत्व माना जाता है।
पूजा के बाद कुछ पल शांत बैठकर हनुमान जी से अपने परिवार की सुख-शांति, अच्छे स्वास्थ्य और सही मार्ग पर चलने की प्रार्थना करें।
पूजा पूरी होने पर हनुमान जी की आरती करें और प्रसाद घर के सभी सदस्यों में बांटें। माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है।