बिजनेस

क्या बाजार की गिरावट दे रही मल्टीबैगर कमाई का मौका? एक्सपर्ट बोले- डरें नहीं, टिके रहें

शेयर बाजार में भारी गिरावट आ चुकी है। सेंसेक्स 1 महीने में 8% से ज्यादा लुढ़क चुका, यही हाल निफ्टी और बैंक निफ्टी का है। इसके अलावा तमाम सेक्टर भी करेक्शन के दौर में है। जानें मार्केट एक्सपर्ट देविना मेहरा आम निवेशकों को क्या सलाह दे रही हैं?

Image

आम निवेशक क्या रणनीति बनाएं

Photo : ET NOW SWADESH Digital

Strategy For Market Crash: पश्चिम एशिया में युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ऐसे माहौल में फर्स्ट ग्लोबल की चेयरपर्सन और चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजिस्ट देविना मेहरा का मानना है कि निवेशकों को घबराकर बाजार से बाहर नहीं निकलना चाहिए। देविना मेहरा का कहना है कि इतिहास बताता है कि जिओपॉलिटिकल घटनाओं का असर बाजार पर अक्सर सीमित समय के लिए होता है। उन्होंने कहा, “हमने 50-55 साल के डेटा में देखा है कि चाहे गल्फ वॉर हो या रूस-यूक्रेन युद्ध, कुछ समय बाद बाजार इन घटनाओं को भूल जाते हैं और फिर से रिकवरी करते हैं।”

जल्द ही संभल जाएगा बाजार

उन्होंने यह भी कहा कि जिओपॉलिटिकल कारणों से बाजार से बाहर निकलना अक्सर सही रणनीति नहीं होती। उनके मुताबिक, “इतिहास यही बताता है कि जिओपॉलिटिक्स के कारण आपको बाजार से नहीं निकलना चाहिए।” क्योंकि, बाजार इस तरह की गिरावट से हालात सुधरते ही बहुत जल्द रिकवर कर जाता है।

कच्चे तेल की तेजी पर चिंता

मेहरा के अनुसार इस बार स्थिति थोड़ी अलग इसलिए है क्योंकि कच्चे तेल में बड़ा उछाल आया है। उन्होंने कहा, “इस बार क्रूड में बहुत बड़ा डिसरप्शन हुआ है और यही बाजार की सबसे बड़ी चिंता है।” हालांकि उनका मानना है कि सप्लाई से जुड़ी समस्याएं स्थायी नहीं रहतीं और समय के साथ समाधान निकल आता है।

क्या हो निवेश रणनीति

बाजार के मौजूदा स्तर पर निवेशकों की रणनीति पर उन्होंने साफ कहा कि गिरावट के दौर में निवेश बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा, “कोई भी यह नहीं बता सकता कि बाजार का बॉटम कहां होगा, लेकिन यह समय निवेशित रहने का है।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर निवेशक डरकर बाजार से बाहर निकल जाते हैं तो वे बाद में आने वाली तेजी को मिस कर सकते हैं।

किन सेक्टर्स में दिख रहा अवसर

सेक्टर रणनीति पर देविना मेहरा ने बताया कि उनकी कंपनी पिछले करीब दो साल से कुछ सेक्टरों पर ओवरवेट है। उन्होंने कहा, “हम पिछले दो साल से फार्मा, हेल्थकेयर और ऑटो सेक्टर में ओवरवेट रहे हैं और अभी भी यह पोजिशन बनी हुई है।” इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि एफएमसीजी जैसे डिफेंसिव सेक्टर में भी अवसर हो सकते हैं, हालांकि कच्चे तेल की लागत बढ़ने से मार्जिन पर कुछ असर पड़ सकता है।

लंबी अवधि की सोच जरूरी

देविना मेहरा का मानना है कि निवेशकों को अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से ज्यादा लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर आप निवेशित नहीं रहेंगे तो बाजार की तेजी को मिस कर देंगे।” उनके मुताबिक गिरावट का दौर अक्सर मजबूत कंपनियों को बेहतर वैल्यूएशन पर खरीदने का मौका देता है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

और पढ़ें
End of Article