Investment Plan : आज के समय में सिर्फ अच्छी कमाई करना ही काफी नहीं है, बल्कि उस पैसे को सही तरीके से संभालना और निवेश करना भी बेहद जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति की महीने की इन-हैंड सैलरी 1 लाख रुपये है, तो उसे अपनी कमाई को समझदारी से अलग-अलग जगह निवेश करना चाहिए। सही फाइनेंशियल प्लानिंग (Financial Planning) से भविष्य सुरक्षित होता है, आर्थिक तनाव कम होता है और धीरे-धीरे अच्छी संपत्ति भी तैयार होती है।
अपनी कमाई को तीन हिस्सों में बांटें
पर्सनल फाइनेंस में 50-30-20 नियम काफी लोकप्रिय माना जाता है। इस नियम के अनुसार व्यक्ति को अपनी कमाई को तीन हिस्सों में बांटना चाहिए। 50% पैसा जरूरी खर्चों पर लगाएं। 30% पैसा लाइफस्टाइल और शौक पर खर्च करें। 20% पैसा बचत और निवेश में करें। अगर आपकी सैलरी 1 लाख रुपये है, तो करीब 50,000 रुपये घर का किराया, राशन, बिजली बिल, बच्चों की फीस और अन्य जरूरी खर्चों में जा सकता है। वहीं 30,000 रुपये मनोरंजन, घूमने-फिरने और अन्य व्यक्तिगत जरूरतों के लिए रखे जा सकते हैं। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि तेजी से धन बनाने के लिए व्यक्ति को अपनी आय का 30% से 40% तक निवेश करना चाहिए।
सबसे पहले बनाएं इमरजेंसी फंड
वित्तीय विशेषज्ञ हमेशा सलाह देते हैं कि हर व्यक्ति के पास कम से कम 6 से 12 महीने के खर्च जितना इमरजेंसी फंड जरूर होना चाहिए। मान लीजिए आपके महीने का खर्च 50,000 रुपये है, तो आपके पास 3 लाख रुपये से 6 लाख रुपये तक की इमरजेंसी सेविंग होनी चाहिए। यह पैसा ऐसी जगह रखें जहां जरूरत पड़ने पर तुरंत निकाला जा सके, जैसे हाई-इंटरेस्ट सेविंग अकाउंट या लिक्विड FD।
हर महीने कितना जमा करें?
1 लाख रुपये कमाने वाला व्यक्ति हर महीने 10,000 रुपये से 15,000 रुपये तक इमरजेंसी फंड में डाल सकता है। जब तय लक्ष्य पूरा हो जाए, तब इस राशि को दूसरे निवेश विकल्पों में लगाया जा सकता है।
SIP में करें सबसे ज्यादा निवेश
लंबे समय में अच्छी संपत्ति बनाने के लिए SIP यानी सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। SIP में हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम निवेश करने से कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर भी कम होता है। अगर आपकी सैलरी 1 लाख रुपये है, तो 20,000 रुपये से 30,000 रुपये तक SIP में निवेश करना अच्छा माना जाता है। युवा निवेशक और ज्यादा जोखिम लेने वाले लोग इक्विटी म्यूचुअल फंड चुन सकते हैं, जबकि कम जोखिम पसंद करने वाले लोग बैलेंस्ड फंड में निवेश कर सकते हैं।
PPF से मिलेगा सुरक्षित भविष्य
पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF एक सुरक्षित और सरकारी योजना है। इसमें निवेश करने पर टैक्स बचत के साथ लंबी अवधि में अच्छा फंड तैयार किया जा सकता है। PPF का लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है, इसलिए यह रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए काफी अच्छा विकल्प माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार हर महीने 5,000 रुपये से 10,000 रुपये तक PPF में निवेश करना फायदेमंद हो सकता है। इससे भविष्य में बड़ा फंड तैयार होता है और आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट भी मिलती है।
FD भी है जरूरी
फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प है जो सुरक्षित निवेश चाहते हैं। इसमें रिटर्न भले ही कम मिले, लेकिन पैसा सुरक्षित रहता है। FD छोटी अवधि के लक्ष्यों और पोर्टफोलियो में स्थिरता बनाए रखने में मदद करती है। 1 लाख रुपये मासिक सैलरी वाला व्यक्ति हर महीने 5,000 रुपये से 10,000 रुपये तक FD या रिकरिंग डिपॉजिट में जमा कर सकता है।
ऐसा हो सकता है पूरा निवेश प्लान
अगर किसी की इन-हैंड सैलरी 1 लाख रुपये है, तो उसका निवेश प्लान कुछ इस तरह हो सकता है:-
- 20,000 रुपये से 30,000 रुपये SIP
- 10,000 रुपये से 15,000 रुपये इमरजेंसी फंड
- 5,000 रुपये से 10,000 रुपये PPF
- 5,000 रुपये से 10,000 रुपये FD
अनुशासन से बनेगी बड़ी संपत्ति
वित्तीय सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है नियमित निवेश और अनुशासन। छोटी-छोटी बचत भी लंबे समय में बड़ा फंड बना सकती है। जैसे-जैसे सैलरी बढ़े, वैसे-वैसे निवेश की रकम भी बढ़ानी चाहिए। सही योजना और लगातार निवेश से भविष्य आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं है, अगर आपको निवेश करना है तो एक्सपर्ट्स से संपर्क करें)
