Inflation May Ease From September:अनाज की बढ़ती कीमतों के कारण अगस्त में बढ़ी कीमतों पर सितंबर से लगाम लग सकती है। इसके पहले जुलाई में महंगाई दर 15 महीने के उच्चस्तर पर पहुंच गई थी। जिसके बाद सरकार ने टमाटर का आयात बढ़ाकर और घरेलू LPG की कीमतों में कटौती का ऐलान किया । जिसका असर सितंबर से दिखना शुरू हो सकता है। जुलाई में महंगाई दर 7.44 फीसदी पर पहुंच गई थी।
आरबीआई उठा सकता है ये कदम
पिछले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी कहा था कि केंद्रीय बैंक को उम्मीद है कि सितंबर से मुद्रास्फीति कम होगी।उन्होंने कहा था कि हमें उम्मीद है कि समग्र मुद्रास्फीति सितंबर से कम होने लगेगी। अगस्त में एक बार फिर मुद्रास्फीति बहुत अधिक होगी, लेकिन हमें उम्मीद है कि सितंबर से महंगाई दर कम हो जाएगी। दास ने कहा था कि टमाटर की कीमतें पहले ही गिर चुकी हैं और अन्य सब्जियों की खुदरा कीमतें भी इस महीने से कम होने की उम्मीद है।
सूत्रों ने कहा कि आरबीआई आठ सितंबर को वृद्धिशील नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) की समीक्षा कर सकता है।केंद्रीय बैंक ने पिछले महीने प्रणाली से एक लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी को बाहर निकालने के लिए सीमित अवधि के लिए 10 प्रतिशत वृद्धिशील नकद आरक्षित अनुपात लागू किया था।
चीनी बढ़ा सकती है परेशानी
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की खबरों के अनुसार मंगलवार को बाजार में चीनी की कीमतें प्रति टन 37,760 रुपये तक पहुंच गई हैं। जो कि पिछले 6 साल का सबसे उच्चतम स्तर है। इसके पहले साल अक्टूबर 2017 में कीमतें इस स्तर के करीब थी। हालांकि अभी भी अंतरराष्ट्रीय बाजार की तुलना में भारतीय बाजार में चीनी की कीमतें 36 फीसदी कम हैं। क अक्टूबर से शुरू हो रहे नए सीजन में उत्पादन करीब 3.3 फीसदी यानी 31.7 लाख टन उत्पादन कम होने की आशंका है। इसकी प्रमुख वजह महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में सूखा पड़ना है।
