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शराब को लेकर भारतीय करोड़पतियों में नया ट्रेंड, जानकर चौंक जाएंगे

Rich Indians Alcohol Consumption: ‘मर्सिडीज-बेंज हुरुन इंडिया विलासिता उपभोक्ता सर्वेक्षण 2025’ के अनुसार, 8.5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति वाले 34% भारतीय करोड़पति शराब का सेवन नहीं करते। यह ट्रेंड क्या बयां करता है।

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करोड़पतियों में बढ़ी 'नो-ड्रिंकिंग' की लहर (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Rich Indians Alcohol Consumption : देश के करोड़पति वर्ग में शराब को लेकर एक चौंकाने वाली प्रवृत्ति सामने आई है। ‘मर्सिडीज-बेंज हुरुन इंडिया विलासिता उपभोक्ता सर्वेक्षण 2025’ के अनुसार, भारत के 34% अमीर लोग शराब का सेवन बिल्कुल नहीं करते। यह ट्रेंड दिखाता है कि देश के अमीरों में अब शराब से दूरी बनाना एक तेजी से उभरती हुई प्रवृत्ति बन गई है। यह सर्वे 8.5 करोड़ रुपये से अधिक की नेट वर्थ रखने वाले भारतीयों के बीच कराया गया है।

किन्हें पसंद है शराब और किस प्रकार की?

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक इस सर्वे में शामिल 150 करोड़पतियों की राय से यह भी पता चला कि 32% अमीरों को व्हिस्की पसंद है। 11% लोगों ने रेड वाइन को पसंदीदा बताया। 9% ने शैम्पेन को अपनी पसंद बताया।

भुगतान के लिए सबसे ज्यादा पसंद है UPI

इस अध्ययन में अमीरों की भुगतान आदतों पर भी रोचक जानकारी सामने आई। 35% करोड़पति यूपीआई (UPI) को अपनी पहली पसंद बताते हैं। इसके बाद नकद भुगतान (18%), आरटीजीएस/एनईएफटी (16%) और डेबिट/क्रेडिट कार्ड (14%) का स्थान रहा।

कितने हैं देश में करोड़पति परिवार?

‘मर्सिडीज-बेंज हुरुन इंडिया संपत्ति रिपोर्ट 2025’ के अनुसार भारत में 8.71 लाख परिवारों की संपत्ति 8.5 करोड़ रुपये (10 लाख डॉलर) से अधिक है। यह देश की कुल आबादी का 0.31% हिस्सा है।

मुंबई बनी 'करोड़पतियों की राजधानी'

शहरों के हिसाब से आंकड़े: मुंबई में सबसे अधिक, 1.42 लाख करोड़पति परिवार हैं। इसके बाद दिल्ली (68,200) और बेंगलुरु (31,600) का स्थान है।

राज्यों में महाराष्ट्र सबसे आगे

राज्यवार संपत्ति वितरण में महाराष्ट्र टॉप पर है, जहां 1,78,600 करोड़पति परिवार निवास करते हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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