Body Lotion Online Sales: भारत में बॉडी लोशन खरीदने के तरीके बदल रहे हैं और आने वाले वर्षों में इसका बड़ा हिस्सा ऑनलाइन होगा। हाल ही में रेडसीर स्ट्रेटेजी कंसल्टेंट्स द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक बिकने वाले आधे से ज्यादा बॉडी लोशन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए खरीदे जाएंगे। रिपोर्ट में बताया गया है कि ऐसे ब्रांड, जिनकी कीमत करीब 1.5 से 6 रुपये प्रति मिलीलीटर है और गुणवत्ता में बेहतर हैं, भविष्य में बाजार में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करेंगे। अनुमान है कि ये ब्रांड ऑनलाइन बिक्री के कुल अवसरों में 30 प्रतिशत से ज्यादा योगदान देंगे। इसका मतलब है कि उपभोक्ता अब केवल सस्ते या महंगे उत्पाद नहीं, बल्कि मूल्य और गुणवत्ता दोनों पर ध्यान देंगे।
पर्सनल केयर उत्पादों की ऑनलाइन हिस्सेदारी बढ़ेगी
आईएएनएस के मुताबिक रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 2025 तक पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स की ऑनलाइन बिक्री बढ़ रही है और यह रुझान आने वाले समय में भी जारी रहेगा। शहरी महिलाओं द्वारा ई-कॉमर्स पर बढ़ते ब्यूटी खर्च का असर बॉडी लोशन सेगमेंट पर भी दिखेगा। साथ ही, जो ब्रांड शुरू से ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहे हैं, वे ऑनलाइन बिक्री को तेजी से बढ़ा रहे हैं।
विशेषज्ञों और भरोसेमंद जानकारी की मांग बढ़ी
अब उपभोक्ता उन उत्पादों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं जिन्हें विशेषज्ञों ने सही माना है और जिनका चिकित्सकीय परीक्षण हुआ है। त्वचा रोग विशेषज्ञों की सलाह और सामग्री की पूरी जानकारी देने वाले ब्रांडों को लोग ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं।
खास तत्व और नैतिक मूल्यों वाले उत्पादों की लोकप्रियता
रिपोर्ट में कहा गया है कि अब लोग साधारण मॉइश्चराइजर की बजाय ऐसे बॉडी लोशन चुन रहे हैं जिनमें विशेष तत्व हों, जैसे विटामिन ई, शीया बटर और अन्य एक्टिव इंग्रीडिएंट। इसके अलावा, पैराबेन-फ्री, वीगन और जानवरों पर परीक्षण न किए गए उत्पाद अब केवल एक खास वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आम बाजार में भी लोकप्रिय हो रहे हैं। कुछ ब्रांड नैतिक मूल्यों को सामने रखकर भी खुद को अलग पहचान दे रहे हैं।
खुशबू और अनुभव भी बन रहा अहम फैक्टर
कंपनियां अपने उत्पादों को अलग करने के लिए विशेष खुशबू का भी इस्तेमाल कर रही हैं। वनीला, कारमेल और हेजलनट जैसी सुगंध वाले बॉडी लोशन उपभोक्ता के अनुभव को और बेहतर बनाते हैं। यह दिखाता है कि सिर्फ़ फ़ंक्शनल उत्पाद ही नहीं, बल्कि खुशबू और अनुभव भी अब बिक्री में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
ब्रांड्स के लिए रणनीति
रिपोर्ट में ब्रांड्स को सलाह दी गई है कि वे पारंपरिक तरीकों से हटकर सोचें। इसमें प्लेटफॉर्म-आधारित वितरण रणनीति अपनाना, सीधे उपभोक्ता तक पहुंचने वाले मॉडल को मजबूत करना और उपभोक्ताओं की पसंद को समझने के लिए आंकड़ों का विश्लेषण करना शामिल है। इसके आधार पर उत्पाद की कीमत, पैक का आकार और मार्केटिंग रणनीति तय की जा सकती है। साथ ही, भरोसा बनाने के लिए केवल विज्ञापनों पर निर्भर न रहना भी जरूरी है।
निवेशकों और रिटेलर्स के लिए अवसर
रिपोर्ट में कहा गया है कि बॉडी लोशन एक ऐसी श्रेणी है जिसमें स्ट्रक्चरल टेलविंड्स हैं। इसका कारण है लोगों की बढ़ती आय, नए उपभोक्ताओं का जुड़ना, व्यक्तिगत देखभाल के प्रति बढ़ती समझ और डिजिटल प्लेटफॉर्म की वह क्षमता, जिससे बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं तक जानकारी पहुंचाई जा सकती है।
