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Dollar Vs Rupee: डॉलर के मुकाबले औंधे मुंह गिरा रुपया, 82 पैसे टूटकर 95.31 प्रति डॉलर के ऑल-टाइम लो पर

Dollar Vs Rupee: एक ओर जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के प्रस्ताव को ठुकराए जाने से कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग घरेलू मुद्रा को झुलसा रही है, वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी की 'सोना न खरीदने' और 'मितव्ययिता'की अपील ने बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना दिया है।

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Dollar Vs Rupee (File Photo)

Dollar Vs Rupee: रुपया सोमवार को 82 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सर्वकालिक निचले स्तर 95.31 (अस्थायी) पर आ गया। अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा खारिज करने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से घरेलू मुद्रा पर दबाव है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नागरिकों से सोना खरीदने से बचने और मितव्ययिता उपायों को अपनाने का आग्रह करने से बाजार की धारणा और कमजोर हो गई।

विदेशी पूंजी की भारी निकासी से रुपये पर दबाव

पीटीआई (भाषा) की एक रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिकी डॉलर के मजबूत रुख और विदेशी पूंजी की भारी निकासी ने रुपये पर और दबाव डाला। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया (Rupee), अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.97 पर खुला। दिन में 94.87 से 95.34 प्रति डॉलर के बीच कारोबार करता रहा। अंत में यह अबतक के सबसे निचले स्तर 95.31 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 82 पैसे की भारी गिरावट है। रुपया शुक्रवार को 94.49 पर बंद हुआ था।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के कोष प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, "राजकोषीय घाटे को कम रखने के लिए विदेशी मुद्रा बचाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोल, सोना, विदेश यात्राओं आदि की खरीद में कमी लाने का आह्वान किया है। अल्पकालिक रूप से इन कदमों का असर वृद्धि की गति में सुस्ती के रूप में दिखेगा।"

उन्होंने कहा, "वहीं ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्तावों पर दिए गए जवाब से सहमति नहीं जताई लेकिन इससे तेल की कीमतें 105 अमेरिकी डॉलर के स्तर तक और डॉलर सूचकांक 98 के स्तर से ऊपर पहुंच गया। परिणामस्वरूप इनकी मांग में तेजी बनी रही। मंगलवार को रुपये के 94.75 और 95.50 के बीच रहने का अनुमान है।"

पीएम मोदी की अपील के बाद रुपये पर दबाव

LKP Securities के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के बढ़ते आयात और कच्चे तेल, खाद्य तेल तथा सोने जैसी आयातित वस्तुओं पर निर्भरता कम करने से जुड़े बयान के बाद रुपये पर दबाव देखने को मिला। बाजार में सतर्क माहौल के बीच रुपया करीब 0.82% गिरकर 95.25 के आसपास कारोबार करता दिखा।

उन्होंने आगे कहा, "निवेशकों को चिंता है कि बढ़ता आयात बिल और ऊंची कच्चे तेल की कीमतें भारत के विदेशी व्यापार संतुलन और मुद्रा स्थिरता पर असर डाल सकती हैं। हालांकि सरकार का फोकस लंबी अवधि में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर है, लेकिन फिलहाल बाजार की प्रतिक्रिया कमजोर रही।"

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.02 पर रहा।

सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में हुए बंद

घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 1,312.91 अंक या 1.70 प्रतिशत टूटकर 76,015.28 अंक पर जबकि निफ्टी 360.30 अंक या 1.49 प्रतिशत फिसलकर 23,815.85 अंक बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 2.52 प्रतिशत की तेजी के साथ 103.8 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों(एफआईआई) ने बीते शुक्रवार को 4,110.60 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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