Rabi Crops MSP Hike: केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रबी सीजन की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को बढ़ाने का फैसला किया गया है। सरकार का कहना है कि MSP बढ़ाने का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर और उचित मूल्य दिलाना है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी की गई है।
कुसुम के MSP में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, रबी फसलों में कुसुम (Safflower) के MSP में सबसे ज्यादा 675 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद रेपसीड और सरसों के MSP में 413 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है। इसका सीधा संबंध उन किसानों से है जो इन फसलों की खेती करते हैं और अपनी उपज को MSP व्यवस्था के तहत बेचते हैं।

Rabi Crops MSP Hike
मसूर, जौ, गेहूं और चने का भी बढ़ा भाव
मसूर की दाल यानी लेंटिल के MSP में 390 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी बताई गई है। वहीं जौ के MSP में 136 रुपये और चने के MSP में 83 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। गेहूं के MSP में 25 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है। सरकार हर साल निर्धारित रबी फसलों के लिए MSP तय करती है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार MSP तय करने में कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों और राज्य सरकारों सहित संबंधित पक्षों के सुझावों को ध्यान में रखा जाता है।
किसानों तक पहुंचेगी बड़ी रकम
कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया गया कि MSP में इस बढ़ोतरी के जरिए करीब 90,952 करोड़ रुपये किसानों तक जाने की उम्मीद है। MSP का मकसद किसानों को उनकी फसल के लिए एक तय समर्थन मूल्य उपलब्ध कराना है। हालांकि, वास्तविक लाभ इस बात पर भी निर्भर करता है कि कितनी उपज की सरकारी खरीद होती है और किसान अपनी कितनी फसल MSP व्यवस्था के तहत बेचते हैं। सरकार की खरीद व्यवस्था में अलग-अलग फसलों के लिए निर्धारित एजेंसियां और योजनाएं काम करती हैं।
