नागोया: भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों के सेमीफाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 2-0 के अंतर से जीत दर्ज की और फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। इसके साथ ही भारतीय टीम ने हॉकी में रजत पदक पक्का कर लिया है। गोल्ड के लिए उसकी फाइनल में चीन के साथ भिड़ंत होगी। चीन ने जापान को शूटऑउट में 4-2 के अंतर से मात देकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की। भारतीय महिला टीम ने पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक अपने नाम किया था। इस बार वो पदक का रंग बदलने में सफल हो गई हैं। भारतीय टीम के सामने फाइनल में चीन की चुनौती होगी जिसने पिछली बार उन्हें फाइनल में पहुंचने से रोक दिया था। चार साल बाद भारतीय टीम के पास चीन से उस हार का हिसाब चुकता करने का भी शानदार मौका है।
दूसरे हॉफ में भारत ने किए दोनों गोल
शुरुआती 30 मिनट में दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर थीं। भारत के लिए गोल 44वें मिनट में इशिका ने पेनल्टी के जरिए किया।वहीं दूसरा गोल सलीमा टेटे ने 48वें मिनट में किया। दोनों के बीच फर्स्ट हाफ में कोई गोल नहीं हुआ। भारतीय टीम ने तीसरे क्वार्टर के खत्म होने से ठीक पहले करके 1-0 की बढ़त बनाई। इसके बाद चौथे क्वार्टर की शुरुआत में दूसरा गोल करके भारत ने फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।
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चौथी बार एशियाड के फाइनल में पहुंची भारतीय महिला टीम
भारतीय महिला हॉकी टीम के पास साल 1982 के बाद एशियाई खेलों में हॉकी का स्वर्ण पदक जीतने का शानदार मौका है। भारतीय टीम चौथी बार एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंची है। 1982, 1998 और 2018 में महिला हॉकी टीम एशियाड के फाइनल में पहुंची थी। भारतीय टीम ने अपने ही देश में 1982 में गोल्ड मेडल जीता था। साल 1998 में बैंकाक और 2018 में जकार्ता एशियाई खेलों में भी भारतीय महिला हॉकी टीम फाइनल में पहुंची थी लेकिन गोल्ड मेडल अपने नाम नहीं कर सकी थी। एक बार फिर भारतीय टीम के पास एक बार फिर उस अधूरे सपने को पूरा करने का मौका मिला है। साल 1982 से अबतक भारतीय महिला टीम एक गोल्ड, दो सिल्वर और चार कांस्य पदक एशियाई खेलों में अपने नाम कर सकी है।
(डेवलपिंग स्टोरी)
