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Closing Bell : 25 साल में सबसे खराब क्लोजिंग, सितंबर में Sensex-Nifty 6% लुढ़के

शेयर बाजार में सितंबर 2026 25 साल में सबसे खराब स्थिति में बंद हुआ है। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी करीब 6 फीसदी लुढ़ककर बंद हुए, जिसकी वजह से पिछले 4 महीने की ग्रोथ भी खत्म हो गई।

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निफ्टी सेंसेक्स पर बढ़ा बिकवाली का दबाव

Closing Bell : भारतीय शेयर बाजार ने सितंबर को बेहद कमजोर नोट पर खत्म किया है। Nifty 50 बुधवार, 30 सितंबर को 22,620.45 पर बंद हुआ, जबकि Sensex 72,480.29 पर रहा। सितंबर की पूरी F&O series में Nifty करीब 6.7% टूटा और यह 25 साल में इसकी सबसे खराब September series रही। इससे पहले सितंबर 2001 में Nifty करीब 6.5% गिरा था।

सितंबर की इस गिरावट ने बाजार के टेक्निकल स्ट्रक्चर पर भी दबाव बढ़ा दिया है। सितंबर में Nifty करीब 5.5% नीचे रहा और विदेशी निवेशकों ने करीब 2.7 अरब डॉलर की बिकवाली की है। अकेले 29 सितंबर को FII ने करीब ₹9,980 करोड़ के शेयर बेचे थे।

30 सितंबर को कहां बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी?

सितंबर के आखिरी दिन Nifty 0.42% की गिरावट के साथ 95.75 अंक लुढ़कर कर 22,620.45 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी की ओपनिंग 22,665 पर हुई। इसके बाद 22,809.35 का हाई और 22,595.20 का लो बनाया। इसी तरह सेंसेक्स 0.07% गिरावट के साथ 48.78 अंक नीचे 72,480.29 अंक पर बंद हुआ। दिन में सेंसेक्स 73,062.23 के हाई और 72,366.44 अंक के लो तक गया।

क्यों आया बाजार में बड़ा उलटफेर?

अक्टूबर सीरीज की शुरुआत से पहले डेरिवेटिव पोजिशनिंग बाजार की सबसे बड़ी कहानी बन गई है। टेक्निकल मार्केट एनालिस्ट बता रहे हैं कि Nifty में FII लॉन्ग एक्स्पोजर घटकर सिर्फ 8.6% रह गया है, जबकि नेट शॉर्ट पोजिशन में करीब 2.67 लाख के कॉन्ट्रैक्ट हैं। इसके उलट रिटेल में करीब 82.5% नेल लॉन्ग में हैं। इससे साफ पता चलता है कि संस्थागत निवेशक मानकर चल रहे हैं कि बाजार यहां से और नीचे जा सकता है।

क्या रहेंगे अक्टूबर में बड़े ट्रिगर?

October की शुरुआत में सबसे बड़ा घरेलू ट्रिगर RBI मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की बैठक है। MPC की बैठक 5 से 7 अक्टूबर के बीच होनी है। पॉलिसी डिसीजन 7 अक्टूबर को October को आने वाला है। रेपो रेट फिलहाल 5.25% है। बाजार को 25 आधार अंक की बढ़ोतरी की उम्मीद है। रेपो रेट के अलावा बाजार के सामने क्रूड ऑयल के दाम और FII का फ्लो बेहद अहम रहेंगे।

अब नजर में 22,650-22,700 जोन

30 सितंबर को Nifty का इंट्राडे लो 22,595.20 रहा और इंडेक्स 22,620.45 पर बंद हुआ। इससे पहले भी एनालिस्ट ने करीब 22,650 के आसपास बायिंग सपोर्ट की बात कही थी। ज्यादातर एनालिस्ट निफ्टी को फिलहाल इसी जोन में सेटल होता देख रहे हैं।

कैसा रहा सेक्टोरल मार्केट का हाल

सेक्टोरल मोर्चे पर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। दिन के कारोबार में IT, बैंकिंग और ऑटो में खरीदारी के संकेत मिले, जबकि HDFC Bank में कमजोरी रही। शुरुआती कारोबार में 16 में से 13 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स बढ़ रहे थे और Nifty IT करीब 2.6% की तेजी के साथ सबसे आगे था; हालांकि दिन के अंत में यह बढ़त टिक नहीं पाई।

कैसा रहा ग्लोबल मार्केट का हाल?

ग्लोबल संकेत पूरी तरह सपोर्टिव नहीं रहे। अमेरिकी बाजार में S&P 500 0.17% और Nasdaq 0.09% नीचे रहे, जबकि Dow Futures करीब 0.13% ऊपर था। यूरोप में FTSE करीब 0.18% और DAX 0.12% नीचे रहा, जबकि एशिया में Nikkei 2.08% चढ़ा, Taiwan 0.64% ऊपर रहा, लेकिन KOSPI 0.48% और SET Composite 2.26% टूटा। कमोडिटी में Brent करीब $97.27 और WTI करीब $90.32 पर रहा, यानी महंगा crude भारतीय बाजार के लिए अब भी बड़ा risk बना हुआ है।

ब्रॉड मार्केट की तस्वीर भी मिलीजुली

ब्रॉड मार्केट की तस्वीर मिलीजुली रही। बुधवार के कारोबार में स्माल कैप और मिड कैप इंडेक्स करीब 0.6% ऊपर थे, जबकि 30 सितंबर को Nifty की 0.42% गिरावट के मुकाबले ब्रॉडर मार्केट में मजबूती देखने को मिली है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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