Gold-Silver-Platinum Import Restrictions: सरकार ने मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को जारी नई अधिसूचना के तहत सोना, चांदी और प्लैटिनम से जुड़े सभी प्रकार के प्रोडक्ट्स के आयात पर सख्त नियंत्रण लगा दिया गया है। एक दिन पहले बुधवार को सोना, चांदी और प्लैटिनम से बने आभूषणों के आयात पर तुरंत प्रभाव से पाबंदी लगा दी गई थी। इस फैसले का उद्देश्य उन आयातकों पर नियंत्रण करना है जो नियमों का फायदा उठाकर सस्ते में कीमती धातुओं का आयात कर रहे थे। यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिससे आयातकों और कारोबारियों में हलचल बढ़ गई है।
तुरंत लागू हुआ फैसला, कोई छूट नहीं
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) द्वारा जारी अधिसूचना में साफ कहा गया है कि यह नियम तुरंत लागू होंगे। खास बात यह है कि इस फैसले में पहले से किए गए सौदों या भुगतान जैसी किसी भी शर्त को कोई राहत नहीं दी गई है। यानी जिन लोगों ने पहले ही ऑर्डर दे दिए हैं या भुगतान कर दिया है, उन्हें भी इस नए नियम का पालन करना होगा। इसके अलावा, संक्रमणकालीन प्रावधान (ट्रांजिशन पीरियड) का लाभ भी नहीं मिलेगा।
किन उत्पादों पर असर
सरकार ने ‘अध्याय 71’ के तहत आने वाले प्रोडक्टस् की आयात नीति में बदलाव किया है। इस कैटेगरी में प्राकृतिक और संवर्धित मोती, कीमती और अर्द्ध-कीमती पत्थर, सोना-चांदी जैसी कीमती धातुएं, इनसे बने आभूषण, नकली गहने और सिक्के शामिल हैं। यानी अब इन सभी वस्तुओं के आयात पर पहले से ज्यादा सख्त निगरानी और नियंत्रण रहेगा।
पहले आभूषण, अब सभी प्रोडक्ट्स शामिल
सरकार ने इससे एक दिन पहले ही सोना, चांदी और प्लैटिनम के आभूषणों के आयात पर भी इसी तरह की पाबंदी लगाई थी। अब इस नए फैसले के साथ इन धातुओं से जुड़े हर तरह के उत्पादों को भी नियंत्रण के दायरे में ले लिया गया है। इससे साफ है कि सरकार इस मामले में पूरी तरह सख्ती बरत रही है।
एफटीए के दुरुपयोग की वजह से कदम
उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कुछ आयातक भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौते का गलत फायदा उठा रहे थे। इस समझौते के तहत कई प्रोडक्ट्स पर कम या शून्य शुल्क लगता है, जिसका फायदा उठाकर कुछ व्यापारी नियमों को दरकिनार कर रहे थे। बताया जा रहा है कि कुछ लोग थाइलैंड जैसे देशों से बिना रत्न-पत्थर वाले आभूषण के नाम पर असल में कीमती धातुओं का आयात कर रहे थे। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था और बाजार में असंतुलन पैदा हो रहा था।
उद्योग की प्रतिक्रिया
इस फैसले पर उद्योग जगत की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ कारोबारियों का कहना है कि सरकार का कदम सही दिशा में है और इससे गलत तरीके से आयात करने वालों पर रोक लगेगी। वहीं, कुछ उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि लाइसेंस प्रक्रिया को आसान बनाया जाना चाहिए, ताकि ईमानदारी से काम करने वाले व्यापारियों को परेशानी न हो।
भारत-आसियान समझौता और पृष्ठभूमि
भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन आसियान के बीच वस्तुओं के व्यापार का समझौता साल 2010 में लागू हुआ था। इस समझौते का उद्देश्य व्यापार को बढ़ावा देना था, लेकिन समय के साथ इसके दुरुपयोग की शिकायतें सामने आने लगीं। सरकार इससे पहले भी प्लैटिनम और चांदी के आभूषणों के आयात पर समय-समय पर इसी तरह के नियंत्रण लागू कर चुकी है।
आगे क्या असर पड़ेगा
इस नए फैसले से आयात-निर्यात के कारोबार पर असर पड़ना तय है। खासकर उन व्यापारियों को झटका लग सकता है जो इन उत्पादों के आयात पर निर्भर हैं। हालांकि, सरकार का मानना है कि इस कदम से पारदर्शिता बढ़ेगी और गलत तरीके से हो रहे व्यापार पर लगाम लगेगी। कुल मिलाकर, यह फैसला सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह व्यापार में अनुशासन लाने और घरेलू उद्योग को सुरक्षित करने की कोशिश कर रही है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। बिज़नेस (Business News) अपडेट और आज का सोने का भाव (Gold Rate Today), आज की चांदी का रेट (Silver Rate Today) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
