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US Tariffs on India: अमेरिकी टैरिफ में बढ़ोतरी का भारत पर पड़ेगा कम असर, बड़ा घरेलू बाजार से मिलेगा सपोर्ट

US Tariffs on India: वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने बुधवार को कहा कि घरेलू बाजार का बड़ा आकार भारत की बाहरी मांग पर निर्भरता को कम करता है और देश को अमेरिकी टैरिफ वृद्धि से होने वाले प्रभाव को कम करने में मदद करेगा, जिससे अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 26 में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि से बढ़ सकती है। रेटिंग्स एजेंसी ने वित्त वर्ष 26 के लिए भारत के जीडीपी वृद्धि दर अनुमान को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है।

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भारत पर यूएस टैरिफ का कम होगा असर

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • भारत पर यूएस टैरिफ का कम होगा असर
  • फिच ने नई रिपोर्ट में लगाया अनुमान
  • बड़े घरेलू बाजार से मिलेगा फायदा

US Tariffs on India: वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने बुधवार को कहा कि घरेलू बाजार का बड़ा आकार भारत की बाहरी मांग पर निर्भरता को कम करता है और देश को अमेरिकी टैरिफ वृद्धि से होने वाले प्रभाव को कम करने में मदद करेगा, जिससे अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 26 में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि से बढ़ सकती है। रेटिंग्स एजेंसी ने वित्त वर्ष 26 के लिए भारत के जीडीपी वृद्धि दर अनुमान को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। वहीं, वित्त वर्ष 27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर अनुमान को बढ़ाकर 6.3 प्रतिशत कर दिया है, जो कि दिसंबर में घोषित किए गए अनुमान 6.2 प्रतिशत से 0.1 प्रतिशत अधिक है।

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भारत एशिया में सबसे अच्छी स्थिति वाला देश

फिच का पूर्वानुमान ओईसीडी की तुलना में बेहतर है, जिसने वित्त वर्ष 26 में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान जताया था। हालांकि, यह भारतीय रिजर्व बैंक के 6.7 प्रतिशत के अनुमान से कम है।

हाल ही में मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा टैरिफ की घोषणा के चलते पैदा हुई वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत को एशिया में सबसे अच्छी स्थिति वाला देश बाताया था। इसकी वजह देश का गुड्स एक्सपोर्ट टू जीडीपी रेश्यो कम होना और आर्थिक आधार का मजबूत होना था।

भारत की जीडीपी वृद्धि दर

चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.2 प्रतिशत रही है, जो कि इससे पहले की तिमाही की वृद्धि दर 5.6 प्रतिशत से अधिक है। जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर दो वर्ष के निचले स्तर पर पहुंच गई थी।

फिच की रिपोर्ट में बताया गया कि हमें नहीं लगता कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर में आई गिरावट का लंबी अवधि में आर्थिक गतिविधि को कोई असर होगा। कंज्यूमर और बिजनेस का विश्वास उच्च स्तर पर बना हुआ है और निवेश से इन्फ्रास्ट्रक्चर को समर्थन मिल रहा है।

भारत में महंगाई दर का अनुमान

रिपोर्ट में आगे कहा कि क्षमता उपयोग भी उच्च स्तर पर बना हुआ है और मासिक व्यापार डेटा अक्टूबर में निर्यात में वृद्धि को दिखाता है। रिपोर्ट में बताया गया कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रह सकती है।

फिच ने भारत में महंगाई दर के अनुमान को 4 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। वित्त वर्ष 27 के लिए पूर्वानुमान को पहले के 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 4.3 प्रतिशत कर दिया गया। (इनपुट - आईएएनएस)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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