Kiran Bedi on CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले छात्रों के हालिया संसद मार्च के दौरान सुरक्षाकर्मियों पर लगी बर्बरता के आरोपों के बीच, पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने एक बड़ा सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि छात्रों के विरोध प्रदर्शनों को संभालने के लिए सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स (CDVs) को तैनात किया जाना चाहिए। पुदुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल बेदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक वीडियो पोस्ट साझा करते हुए कहा कि नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक विरोध प्रदर्शनों में सुरक्षा की पहली पंक्ति (फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस) हो सकते हैं, ठीक उसी तरह जैसे सीमाओं पर बीएसएफ (BSF) काम करती है।
बिना लाठी, सिर्फ सुरक्षा गियर के साथ उतरें वॉलंटियर्स
वॉलंटियर्स को सुरक्षात्मक गियर: किरण बेदी ने अपने सुझाव में रणनीति को स्पष्ट करते हुए कहा, सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को सुरक्षात्मक गियर (बॉडी आर्मर और हेलमेट) और खुद को पत्थरों से बचाने के लिए केवल केन शील्ड (कैन की ढाल) दी जानी चाहिए, लेकिन उनके हाथ में कोई लाठी या डंडा नहीं होना चाहिए।
दंगा पुलिस की भूमिका: दंगा नियंत्रण पुलिस को इन वॉलंटियर्स के पीछे रहना चाहिए ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी तरह की हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान को रोका जा सके। दंगा पुलिस को केवल तभी कार्रवाई करनी चाहिए जब सिविल डिफेंस की लाइन टूटने लगे या उन पर कोई बड़ा खतरा मंडराए। किरण बेदी का मानना है कि इस व्यवस्था से छात्रों पर यह नैतिक जिम्मेदारी होगी कि वे दंगा पुलिस को हस्तक्षेप करने के लिए उकसाएं नहीं।
नीट (NEET) विवाद को लेकर हुआ था हिंसक प्रदर्शन
बता दें कि बीते सोमवार को नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों ने संसद मार्च निकाला था। इस दौरान हुई हिंसक झड़पों में दर्जनों पुलिस, अर्धसैनिक बलों के जवान और कई प्रदर्शनकारी छात्र घायल हो गए थे। दिल्ली में अपनी सेवाएं दे चुकीं देश की चर्चित पूर्व पुलिस अधिकारी बेदी ने कहा कि हर राज्य में सिविल डिफेंस या होमगार्ड के जवान होते हैं। छात्र प्रदर्शनों जैसी स्थितियों से निपटने के लिए इन कर्मियों को और बेहतर तरीके से प्रशिक्षित किया जा सकता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस की सशस्त्र कार्रवाई का उद्देश्य केवल जान-माल की रक्षा करना होता है और इसके लिए कानूनी जवाबदेही तय होती है। ऐसे में सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को आगे रखने से प्रदर्शनों के दौरान लगने वाले आरोपों और प्रत्यारोपों से बचा जा सकेगा।
