Times Now Navbharat
live-tv
Premium

रॉकेट लॉन्चर, टॉरपीडो और 1100 टन वजन... भारतीय नौसेना का नया स्वदेशी योद्धा 'INS Malvan' कितना ताकतवर?

भारतीय नौसेना ने 'माहे-क्लास एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट' (ASW-SWC) में से दूसरे, 'मालवन' को कमीशन किया। आईएनएस मालवन (INS Malvan) भारतीय नौसेना का एक स्वदेशी युद्धपोत है जानें उसकी खासियतें...

Image
भारतीय नौसेना का नया स्वदेशी योद्धा 'INS Malvan'
Authored by: Ravi Vaish
Updated Jul 23, 2026, 19:29 IST
Follow on Google News

आईएनएस मालवन (INS Malvan) भारतीय नौसेना का एक स्वदेशी युद्धपोत है। कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) कोच्चि में बना 'मालवन', आधुनिक नौसैनिक जहाज निर्माण और डिजाइन में भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' विजन का बेहतरीन उदाहरण है। 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ, यह जहाज युद्धपोत डिजाइन, निर्माण और एकीकरण में भारत की बढ़ती महारत को दर्शाता है।

यह युद्धपोत तटीय सुरक्षा को पुख्ता करने और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की पनडुब्बी रोधी क्षमताओं को और अधिक दुर्जेय बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

आईएनएस मालवन (INS Malvan) भारतीय नौसेना का एक स्वदेशी युद्धपोत है, जो माहे-श्रेणी (Mahe-class) का दूसरा पनडुब्बी रोधी उथले जल युद्धक पोत (ASW-SWC) है।

INS Malvan की खास बातों पर डाल लें निगाह-

इस पोत का नाम पूर्ववर्ती माइंसवीपर 'आईएनएस मालवन' के नाम पर रखा गया है, जिसने 1983 से 2003 तक नौसेना की सेवा की थी। यह आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत युद्धपोत निर्माण में देश की बढ़ती क्षमता का परिचायक है।

यह भारत के स्वदेशी युद्धपोत निर्माण में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में निर्मित आईएनएस मालवन में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरण और तकनीक का उपयोग।

इस युद्धपोत की लंबाई 78 मीटर और चौड़ाई 11.36 मीटर है।

इसका कुल विस्थापन (Displacement) 896 से 1,100 टन के बीच है।

इस पर कुल 57 कर्मी (7 अधिकारी और 50 नाविक) तैनात रहते हैं।

माहे श्रेणी के ये युद्धपोत तटीय और उथले समुद्री क्षेत्रों में प्रभावी परिचालन के लिए बनाए गए हैं।

इनसे नौसेना की समुद्री सुरक्षा और पनडुब्बी रोधी क्षमता और मजबूत होगी।

इसे विशेष रूप से तटीय और उथले समुद्री क्षेत्रों (littoral waters) में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने, उनका पीछा करने और उन्हें नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है।

यह उन्नत हल-माउंटेड सोनार, टॉरपीडो, पनडुब्बी रोधी रॉकेट लॉन्चर्स और वॉट-जेट प्रोपल्शन तकनीक से लैस है जो इसे कम गहराई वाले पानी में भी बेहद फुर्तीला बनाती है।

यह भारत के स्वदेशी युद्धपोत निर्माण में महत्वपूर्ण उपलब्धि

यह भारत के स्वदेशी युद्धपोत निर्माण में महत्वपूर्ण उपलब्धि

INS Malvan की टेक्निकल स्पीड और रेंज (Technical Speed & Range)

अधिकतम गति: यह युद्धपोत 25 नॉट (लगभग 46 किलोमीटर प्रति घंटा) की शीर्ष गति से चलने में सक्षम है।

ऑपरेशनल रेंज: यह 14 नॉट (26 किमी/घंटा) की क्रूज़िंग स्पीड पर 1,800 समुद्री मील (लगभग 3,300 किलोमीटर) की दूरी तय कर सकता है।

सहनशीलता (Endurance): यह बिना रीफ्यूलिंग या अतिरिक्त रसद के लगातार 14 दिनों तक समुद्र में मिशन को अंजाम दे सकता है।

प्रोपल्शन तकनीक: इसमें पारंपरिक प्रोपेलर (पंखों) के बजाय उन्नत वॉटर-जेट प्रोपल्शन (Water-jet Propulsion) तकनीक का उपयोग किया गया है। यह इसे कम गहराई और उथले पानी में भी बिना अटके बहुत तेजी से मुड़ने और आगे बढ़ने की गजब की फुर्ती (Maneuverability) प्रदान करता है।

रणनीतिक उपयोगिता (Strategic Significance & Utility)

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, आईएनएस मालवन को भारतीय नौसेना में शामिल करने के कई बड़े रणनीतिक मायने हैं, हिंद महासागर में चीन और पाकिस्तान की पनडुब्बियों की बढ़ती सक्रियता को रोकने के लिए इसे तैनात किया गया है।

त्रि-स्तरीय सुरक्षा तंत्र (Three-Tier Defense Structure)

भारतीय नौसेना में यह 'इनर पेट्रोल लेयर' यानी तटीय सुरक्षा की आंतरिक कमान संभालता है। जहां गहरे समुद्र में P-8I विमान और बड़े जहाज निगरानी करते हैं, वहीं तट के करीब आते ही संदिग्ध पनडुब्बियों को तबाह करने का जिम्मा आईएनएस मालवन जैसे युद्धपोतों का होता है।

बहुआयामी भूमिका (Multi-role Operations)

पनडुब्बी रोधी अभियानों (ASW) के अलावा, यह समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने (Mine Laying), तटीय निगरानी, घुसपैठ व तस्करी रोकने और खोज एवं बचाव (SAR) अभियानों में भी बेहद उपयोगी है।

INS Malvan उथले पानी का योद्धा

INS Malvan उथले पानी का योद्धा

अत्याधुनिक propulsion

यह पानी के अंदर कम हलचल पैदा करने वाले वाटर-जेट प्रोपल्शन (Water-jet propulsion) सिस्टम से लैस है, जो इसे उथले और तटीय पानी में तेज गति (अधिकतम 25 नॉट्स) और बेहतरीन पैंतरेबाजी प्रदान करता है।

मारक क्षमता और हथियार

दुश्मन की पनडुब्बियों का सफाया करने के लिए इसमें फॉरवर्ड-माउंटेड RBU-6000 रॉकेट लॉन्चर, एडवांस्ड लाइट-वेट टॉरपीडो (ALWT), और माइन-लेइंग रेल्स जैसी घातक प्रणालियां शामिल हैं।

सेंसर और सोनार

इसमें डीआरडीओ द्वारा विकसित 'अभय' हल-माउंटेड सोनार और लो फ्रिक्वेंसी वेरिएबल डेप्थ सोनार (LFVDS) जैसे अत्याधुनिक सेंसर लगे हैं, जो पानी के अंदर की गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हैं।

बड़े विनाशक जहाज (Destroyers) या फ्रिगेट कम गहराई वाले तटीय इलाकों में अपने भारी वजन और ध्वनि परावर्तन (Acoustic Reflection) के कारण ठीक से काम नहीं कर पाते। आईएनएस मालवन इसी कमी को पूरा करता है और तटों के पास छिपने वाली दुश्मन की पनडुब्बियों को ढूंढ निकालता है। यह भारत के प्रमुख नौसैनिक बेस, बंदरगाहों, शिपिंग लेन और महत्वपूर्ण तटीय बुनियादी ढांचों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

End of Article