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भारत का खेल उपकरण निर्यात 2036 तक 8.1 अरब डॉलर पर पहुंच सकता है : नीति आयोग रिपोर्ट

नीति आयोग की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि मौजूदा स्थिति बनी रहती है, तो भारत का निर्यात केवल 0.6 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा और वैश्विक हिस्सेदारी 0.4 प्रतिशत पर ही सिमटी रहेगी।

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रिपोर्ट में आयात पर निर्भरता कम करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए लक्षित निवेश की वकालत की गई है। (फोटो क्रेडिट-iStock)

भारत में साल 2036 तक खेल उपकरणों के निर्यात को 8.1 अरब डॉलर तक पहुंचाने और करीब 54 लाख अतिरिक्त नौकरियां पैदा करने की अपार क्षमता है। नीति आयोग द्वारा बृहस्पतिवार को जारी एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है। रिपोर्ट में खेल सामग्री के वैश्विक निर्यात में भारत की हिस्सेदारी को दो अरब डॉलर से बढ़ाकर 24 अरब डॉलर करने और उपकरणों के निर्यात को वर्तमान के 275 करोड़ डॉलर (0.5 प्रतिशत) से बढ़ाकर 11 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ 8.1 अरब डॉलर करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

’भारत के खेल उपकरण विनिर्माण की निर्यात क्षमता को साकार करना’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बदलाव और आगामी बड़े खेल आयोजनों के कारण भारत एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। रिपोर्ट में आयात पर निर्भरता कम करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए लक्षित निवेश की वकालत की गई है।

ब्रांडिंग में सुधार करने की आवश्यकता

नीति आयोग ने सुझाव दिया है कि इस बदलाव के लिए विनिर्माण समूहों को आधुनिक बनाने, वैश्विक ब्रांड के साथ साझेदारी मजबूत करने और बाजार तक पहुंच व ब्रांडिंग में सुधार करने की आवश्यकता है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि समन्वित नीतिगत प्रयास किए जाएं, तो मुख्य रूप से सूक्ष्म लघु और मझोले उद्योग (एमएसएमई) आधारित यह क्षेत्र अगले एक दशक में भारत को उच्च गुणवत्ता वाले खेल उपकरणों के भरोसेमंद वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित कर सकता है।

वैश्विक हालात को लेकर बड़ी चेतावनी

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि मौजूदा स्थिति बनी रहती है, तो भारत का निर्यात केवल 0.6 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा और वैश्विक हिस्सेदारी 0.4 प्रतिशत पर ही सिमटी रहेगी। 8.1 अरब डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कार्बन फाइबर जैसे कच्चे माल के लिए घरेलू पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने, शुल्कों में ढील देने और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों को सरल बनाने जैसे ढांचागत सुधारों की आवश्यकता है। इसमें यह भी कहा गया है कि इन उपायों से भारत... चीन, वियतनाम और पाकिस्तान जैसे स्थापित निर्यातकों से बाजार हिस्सेदारी छीनकर एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर सकता है।

(इनपुट-भाषा)

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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