अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स के यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल (USIBC) ने इंडिया एनर्जी वीक 2025 में एक प्रभावशाली व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। यह वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा ऊर्जा आयोजन बन गया है, जिसमें भारत-अमेरिका के बीच ऊर्जा व्यापार और निवेश साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।
ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ उच्च स्तरीय चर्चा
यूएसआईबीसी ने भारत के केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ एक राउंडटेबल बैठक आयोजित की, जिसमें अमेरिका के सबसे बड़े औद्योगिक प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया। इस बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, विविधीकरण, प्राकृतिक गैस की भूमिका, तकनीकी नवाचार, ऊर्जा में AI, स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन फ्यूल्स और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
यूएसआईबीसी ने प्रधानमंत्री कार्यालय के सलाहकार श्री तरुण कपूर के साथ भी एक बैठक की, जिसमें भारत की वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार में स्थिति पर चर्चा की गई।
ऊर्जा सहयोग को लेकर विशेषज्ञों की राय
यूएसआईबीसी के प्रबंध निदेशक राहुल शर्मा ने कहा, "यूएसआईबीसी का उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देना है। इस बैठक के निष्कर्ष हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं कि हम स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा भविष्य के लिए सतत समाधान लाने के लिए काम करेंगे।"
यूएसआईबीसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे GE Vernova गैस पावर सॉल्यूशंस एशिया के अध्यक्ष वेनकट कन्नन ने कहा, "भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए ऊर्जा की मांग भी बढ़ रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास और पुरानी ऊर्जा संरचनाओं के कारण निवेश और नवाचार की आवश्यकता होगी। अमेरिका-भारत सहयोग से भारत की ऊर्जा प्रणाली को मजबूत किया जा सकता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और टिकाऊ ऊर्जा समाधान संभव होंगे।"
स्वच्छ ऊर्जा और नवाचार पर विशेष कार्यशाला
यूएसआईबीसी ने मॉलीक्यूल ग्रुप, इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी और इंडियन बायोगैस एसोसिएशन के साथ मिलकर भारत की पहली सतत ईंधन, रसायन और सामग्री कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में तकनीकी अनुसंधान, आपूर्ति श्रृंखला और बुनियादी ढांचे पर चर्चा हुई।
यूएसआईबीसी ने भारत सरकार को सफलतापूर्वक आयोजित इंडिया एनर्जी वीक के तीसरे संस्करण के लिए बधाई दी और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ अपने सहयोग को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
