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ITR Filing 2025: वेतनभोगियों के लिए आसान होगा ITR दाखिल करना, आया नया आईटीआर फॉर्म, जानें क्या-क्या बदला

ITR Filing 2025: इनकम टैक्स विभाग ने आकलन वर्ष 2025-26 के लिए ITR फॉर्म 1 और 4 को अधिसूचित किया है। इसके साथ सूचीबद्ध शेयरों से 1.25 लाख रुपये तक के लॉन्ग टर्म पूंजीगत लाभ वाले व्यक्तियों के लिए रिटर्न दाखिल करना आसान बनाया गया है।

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बदल गये आईटीआर फॉर्म्स

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ITR Filing 2025 : वेतनभोगी करदाताओं के लिए खुशखबरी! सरकार ने इक्विटी या इक्विटी म्यूचुअल फंड से लॉन्ग टर्म पूंजीगत लाभ के जरिये 1.25 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों के लिए टैक्स दाखिल करना आसान बना दिया है। इससे पहले पूंजीगत लाभ से आय वाले वेतनभोगी व्यक्तियों को फॉर्म ITR-2 दाखिल करना होता था, भले ही पूंजीगत लाभ गैर-टैक्स योग्य हो। इस वर्ष से नए फॉर्म ITR-1 में लॉन्ग टर्म पूंजीगत लाभ की रिपोर्टिंग के लिए एक छोटा सा सेग्मेंट है, जिस पर टैक्स देय नहीं है। वर्तमान में ITR 1 वेतन, एक घर की संपत्ति, ब्याज और कृषि आय से 50 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों द्वारा दाखिल किया जाता है। हालांकि अगर उन्होंने किसी विशेष वर्ष में पूंजीगत लाभ कमाया है तो उन्हें ITR-2 दाखिल करना होगा। अनुपालन बोझ को कम करने के लिए इनकम टैक्स विभाग ने सालाना 1.25 लाख रुपये तक के लॉन्ग टर्म पूंजीगत लाभ वाले वेतनभोगी व्यक्तियों को ITR 2 फॉर्म दाखिल करने से छूट दी है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने इस वर्ष बजट में टैक्स-फ्री लॉन्ग टर्म पूंजीगत लाभ की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये कर दिया है।

ITR-1 (सहज) और ITR-4 (सुगम) फॉर्म

इनकम टैक्स विभाग ने आकलन वर्ष 2025-26 के लिए ITR-1 (सहज) और ITR-4 (सुगम) फॉर्म अधिसूचित कर दिए हैं। इसके साथ ही, वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए रिटर्न दाखिल करना जल्द ही शुरू होने वाला है। इस वर्ष ITR-1 फॉर्म को संशोधित किया गया है। धारा 112A के तहत लॉन्ग टर्म पूंजीगत लाभ (LTCG) वाले टैक्सपेयर्स अब ITR-1 दाखिल कर सकते हैं, बशर्ते लाभ सीमा, सीमा के भीतर हो। पहले ऐसे टैक्सपेयर्स को ITR-2 का उपयोग करना पड़ता था। इस बदलाव का उद्देश्य छोटे निवेशकों के लिए टैक्स दाखिल करना आसान बनाना है।

संशोधित ITR-1 फॉर्म में एक नया सेग्मेंट शामिल है: "आय जिस पर कोई टैक्स देय नहीं है, सेक्शन 112A के तहत लॉन्ग टर्म पूंजीगत लाभ जो इनकम टैक्स के लिए उत्तरदायी नहीं है।" लिस्टेड इक्विटी शेयरों, इक्विटी म्यूचुअल फंड या व्यावसायिक ट्रस्टों पर ₹1.25 लाख तक के LTCG वाले टैक्सपेर्स ITR-1 दाखिल कर सकते हैं। हालांकि यह फॉर्म इनके लिए लागू नहीं है:-

  • शॉर्ट टर्म पूंजीगत लाभ
  • अचल संपत्ति से LTCG
  • सेक्सन 112A के तहत LTCG जहां टैक्स देय है
  • आगे ले जाए गए या आगे लाए गए नुकसान वाले मामले

ITR-4 के बारे में क्या?

ITR-4 फॉर्म इनके लिए है:-

  • रेजिडेंट इंडिविजुअल्स, HUF और फर्म (LLP के अलावा)
  • कुल आय ₹50 लाख तक
  • व्यवसाय/पेशे से आय जो अनुमानित योजनाओं (धारा 44AD, 44ADA, 44AE) के तहत गणना की जाती है।
  • सेक्सन 112A के तहत LTCG ₹1.25 लाख तक

ITR-4 का उपयोग कब नहीं करना चाहिए?

  • आपको ITR-4 का उपयोग नहीं करना चाहिए अगर:-
  • आप किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं
  • आपने गैर-लिस्टेड शेयरों में निवेश किया है
  • आपके पास विदेशी संपत्ति या आय है
  • आपकी कृषि आय ₹5,000 से अधिक है
  • आपने ESOP पर टैक्स स्थगित किया है

इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल से वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से रिटर्न दाखिल करने की सुविधा मिलने की उम्मीद है। टैक्सपेयर्स को अपनी आय के प्रकार और वित्तीय प्रोफोइल के आधार पर सही ITR फॉर्म चुनना होगा। हर कोई ITR-1 या ITR-4 का उपयोग नहीं कर सकता। इनकम टैक्स विभाग की आय की जटिलता से मेल खाने के लिए अलग-अलग फॉर्म जारी करता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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