False Tax Claim: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर अधिकारियों को चालू वित्त वर्ष के दौरान डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में सुधार की रणनीति के तहत एडवांस टैक्स जमा करने वाले टॉप टैक्सपेयर्स पर ‘बारीकी से’ नजर रखने और छूट एवं कटौती के फर्जी दावों की पहचान करने का निर्देश दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि विभाग के लिए नीति बनाने वाली इकाई सीबीडीटी ने हाल ही में 2025-26 के लिए केंद्रीय कार्ययोजना (सीएपी) जारी की है जो रेवेन्यू कलेक्शन कार्य के मामले में विभाग के लिए ‘प्रमुख प्रदर्शन क्षेत्रों’ को आगे बढ़ाने के लिए मार्गदर्शक के रूप में कार्य करती है।
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25.20 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य
फरवरी में पेश बजट अनुमानों के अनुसार, केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए प्रत्यक्ष करों के तहत आयकर विभाग के लिए 25.20 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है। इस राशि में कॉरपोरेट टैक्स के तहत 10,82,000 करोड़ रुपये, गैर-कॉरपोरेट टैक्स के तहत 13,60,000 करोड़ रुपये (व्यक्तिगत आयकर और अन्य शामिल हैं) और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) से 78,000 करोड़ रुपये शामिल हैं।
कितना रहा टैक्स कलेक्शन
आधिकारिक आंकड़ों से पता चला है कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए Net Direct Tax Collection लक्ष्य से थोड़ा चूक गया, और यह 13.57 प्रतिशत बढ़कर 22.26 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। सरकार ने जुलाई, 2024 में इसके लिए 22,07,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था और फरवरी में पेश बजट के दौरान इसे संशोधित कर 22,37,000 करोड़ रुपये कर दिया था।
एक सूत्र ने कहा, “सीएपी ने आयकर विभाग को कर भुगतान के नकारात्मक रुझानों से निपटते हुए बेहतर कर संग्रह के लिए क्षेत्रीय विश्लेषण करने का सुझाव दिया है।” (इनपुट - भाषा)
