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Income Tax Return Filing: AY 2026-27 के लिए ITR-1 और ITR-4 फाइलिंग शुरू, अब मिनटों में भरें टैक्स रिटर्न

Income Tax Return Filing: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने AY 2026-27 के लिए ITR-1 और ITR-4 की ऑनलाइन फाइलिंग और एक्सेल यूटिलिटी शुरू कर दी है। इससे नौकरीपेशा, पेंशनभोगी और छोटे कारोबारियों को रिटर्न भरने में आसानी होगी।

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TR फाइलिंग हुई सुपरफास्ट! AY 2026-27 के लिए पोर्टल लाइव (तस्वीर-istock)

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Income Tax Return Filing : इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने करदाताओं के लिए बड़ी राहत देते हुए आकलन वर्ष 2026-27 के लिए ITR-1 और ITR-4 फॉर्म की ऑनलाइन फाइलिंग और एक्सेल यूटिलिटी शुरू कर दी है। अब नौकरीपेशा लोग, पेंशनभोगी और छोटे कारोबारी आसानी से इनकम टैक्स रिटर्न भर सकेंगे। यह सुविधा इनकम टैक्स विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल (ITR Online Filing) पर उपलब्ध है। विभाग ने करदाताओं से समय पर रिटर्न दाखिल करने की अपील की है, ताकि आखिरी समय की परेशानी से बचा जा सके। एक्सेल यूटिलिटी के जरिए ऑफलाइन फॉर्म भरकर भी अपलोड किया जा सकता है। नई सुविधा से रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और तेज होने की उम्मीद है।

सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में, इनकम टैक्स विभाग ने कहा कि करदाता अब आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से सहज (ITR-1) और सुगम (ITR-4) फॉर्म का उपयोग करके रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

ITR-1 या 'सहज'

ITR-1 यानी 'सहज', उन निवासी व्यक्तियों के लिए है जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है और यह आय वेतन, एक मकान संपत्ति और अन्य स्रोतों (ब्याज आय सहित) से आती है। यह फ़ॉर्म उन व्यक्तियों पर लागू नहीं होता जिन्हें 'अनिवासी' या 'साधारण निवासी नहीं' के तौर पर वर्गीकृत किया गया है।

ITR-4 या 'सुगम'

ITR-4 यानी 'सुगम', उन व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) और LLPs के अलावा अन्य फ़र्मों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिनकी आय 50 लाख रुपये तक है और जो आयकर अधिनियम की धारा 44AD, 44ADA या 44AE के तहत 'अनुमानित कराधान योजना' (presumptive taxation scheme) का विकल्प चुनते हैं।

इन दो आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले फॉर्मों के लिए यूटिलिटीज (utilities) का जारी होना, उन व्यक्तियों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की 31 जुलाई की समय सीमा से ठीक पहले हुआ है, जिन पर टैक्स ऑडिट लागू नहीं होता।

इनकम टैक्स विभाग हर साल अलग-अलग चरणों में यूटिलिटीज जारी करता है; आमतौर पर वेतनभोगी व्यक्तियों और छोटे करदाताओं के लिए फॉर्म सबसे पहले उपलब्ध कराए जाते हैं। उम्मीद है कि आने वाले सप्ताह में अन्य रिटर्न फॉर्म भी धीरे-धीरे चालू कर दिए जाएंगे।

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) एक ऐसा फॉर्म है जिसके जरिए करदाता अपनी आय, कटौतियों, चुकाए गए करों और कुल कर दायित्व का विवरण आयकर विभाग को देते हैं। लागू होने वाला ITR फॉर्म करदाता की आय प्रोफाइल, कैटेगरी और कमाई के स्रोत पर निर्भर करता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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