बिजनेस

Capital Gain Tax: इनकम टैक्स विभाग ने समझाया, प्रॉपर्टी पर कैसे लगेगा कैपिटल गेन टैक्स

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 26, 2024, 08:22 PM IST

Capital Gain Tax: विभाग ने गुरुवार रात को जारी सूचना में कहा कि टैक्सपेयर्स दोनों में से एक विकल्प चुन सकते हैं। सरकार ने मंगलवार को आम बजट में अचल संपत्तियों पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) कर को 20 फीसदी से घटाकर 12.5 फीसदी कर दिया था।

Image

कैपिटल गेन टैक्स कैलकुलेशन (Image Source: iStockphoto)

Capital Gain Tax: इनकम टैक्स ने कहा है कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स की गणना के उद्देश्य से वर्ष 2001 से पहले खरीदी गई अचल संपत्तियों के अधिग्रहण की लागत एक अप्रैल 2001 तक उचित बाजार मूल्य (एफएमवी, स्टांप ड्यूटी मूल्य से अधिक नहीं) या भूमि या भवन की वास्तविक लागत होगी। सरकार ने मंगलवार को आम बजट में अचल संपत्तियों पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) कर को 20 फीसदी से घटाकर 12.5 फीसदी करने के साथ ही अप्रैल, 2001 के बाद खरीदी गई संपत्तियों के मुद्रास्फीति समायोजन (इंडेक्सेशन) से जुड़े लाभ को हटाने का प्रस्ताव रखा।

कैसे लगेगा टैक्स

वर्ष 2001 से पहले खरीदी गई संपत्तियों के मामले में, उचित बाजार मूल्यांकन (स्टांप ड्यूटी मूल्य से अधिक नहीं) को मुद्रास्फीति समायोजन मूल्य निर्धारित करने के लिए आधार बनाया जा सकता है। मुद्रास्फीति समायोजन के बाद मूल्य को एलटीसीजी की गणना के लिए बिक्री मूल्य से घटा दिया जाएगा और फिर 20 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा।

लागत का मुद्दा

इन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि वर्ष 2001 से पहले खरीदी गई संपत्तियों के लिए एक अप्रैल 2001 तक अधिग्रहण की लागत के बारे में मुद्दा उठाया गया है। विभाग ने कहा है कि एक अप्रैल 2001 से पहले खरीदी गई संपत्तियों (भूमि या भवन या दोनों) के लिए एक अप्रैल 2001 के मूल्य के हिसाब से खरीद लागत, या एक अप्रैल 2001 को ऐसी परिसंपत्ति का उचित बाजार मूल्य (जहां भी उपलब्ध हो, स्टांप शुल्क मूल्य से अधिक नहीं) उस परिसंपत्ति के अधिग्रहण की लागत होगी।

इनकम टैक्स विभाग ने समझाया

विभाग ने गुरुवार रात को जारी सूचना में कहा कि टैक्सपेयर्स दोनों में से एक विकल्प चुन सकते हैं। आयकर विभाग ने एक उदाहरण के साथ समझाने की कोशिश है कि 2001 से पहले खरीदी गई संपत्तियों के मामले में पूंजीगत लाभ कर की गणना किस तरह की जाएगी। उसने एक संपत्ति का उदाहरण दिया, जिसकी 1990 में अधिग्रहण की लागत पांच लाख रुपये थी और एक अप्रैल 2001 को इसका स्टांप शुल्क मूल्य 10 लाख रुपये और एफएमवी 12 लाख रुपये था। यदि इसे 23 जुलाई 2024 को या उसके बाद एक करोड़ रुपये में बेचा जाता है, तो एक अप्रैल 2001 तक अधिग्रहण की लागत 10 लाख रुपये (स्टाम्प ड्यूटी या एफएमवी में से जो भी कम हो) होगी।

वित्त वर्ष 2024-25 में इस अधिग्रहण की मुद्रास्फीति समायोजन लागत 36.3 लाख रुपये (10 लाख रुपये गुणा 363/100) है। 363 वित्त वर्ष 2024-25 के लिए लागत मुद्रास्फीति सूचकांक है। इस सूचकांक को आयकर विभाग अधिसूचित करता है। इस मामले में एलटीसीजी 63.7 लाख रुपये (एक करोड़ रुपये में से 36.3 लाख रुपये घटाकर) बैठता है। इस तरह 20 प्रतिशत की दर पर, ऐसी संपत्तियों के लिए एलटीसीजी कर 12.74 लाख रुपये बनेगा।

वहीं नई व्यवस्था में एलटीसीजी 90 लाख रुपये (एक करोड़ में से लागत 10 लाख रुपये घटाने) आंका जाएगा और इस पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 12.5 प्रतिशत हिसाब से 11.25 लाख करोड़ रुपये बैठेगा। (इनपुट-भाषा)

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

और पढ़ें
End of Article