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Income Tax Bill 2025: TDS रिफंड और देरी से ITR फाइलिंग पर संसदीय समिति ने दिए अहम सुझाव

Income Tax Bill 2025: संसदीय समिति ने आयकर विधेयक-2025 की समीक्षा करते हुए सुझाव दिया है कि व्यक्तिगत करदाता (Individual taxpayers) बिना जुर्माने के नियत तिथि के बाद भी TDS रिफंड के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल कर सकें। समिति ने धार्मिक एवं परमार्थ न्यासों को दिए गए गुमनाम दान को कर मुक्त रखने और एनपीओ की आय संबंधी नियमों में बदलाव की सिफारिश की है।

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नया आयकर विधेयक 2025: अब देरी से ITR भरने पर नहीं लगेगा जुर्माना, ट्रस्टों को मिलेगी राहत! (तस्वीर-Istock)

Photo : iStock

Income Tax Bill 2025: लोकसभा की एक प्रवर संसदीय समिति ने आयकर विधेयक-2025 की समीक्षा करते हुए कई महत्त्वपूर्ण सिफारिशें की हैं, जो व्यक्तिगत करदाताओं (Individual taxpayers), गैर-लाभकारी संस्थाओं और धार्मिक न्यासों को प्रभावित कर सकती हैं।

TDS रिफंड के लिए देरी से ITR दाखिल करने पर नहीं लगे जुर्माना

समिति ने सिफारिश की है कि व्यक्तिगत करदाताओं को बिना जुर्माने के नियत तिथि के बाद भी आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अनुमति दी जाए, ताकि वे स्रोत पर कर कटौती (TDS) के रिफंड का दावा कर सकें। विशेषकर उन व्यक्तियों के लिए, जिन्हें आमतौर पर रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होती, यह प्रावधान फायदेमंद साबित हो सकता है।

गुमनाम दान पर धार्मिक एवं परमार्थ न्यासों को मिले टैक्स छूट

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक प्रवर समिति ने यह भी सुझाव दिया कि धार्मिक और परमार्थ उद्देश्यों से जुड़े ट्रस्टों को मिलने वाले गुमनाम दान को टैक्स फ्री रखा जाए। यह विशेष रूप से उन ट्रस्टों के लिए जरूरी है, जो पारंपरिक माध्यमों (जैसे दानपेटी) से चंदा प्राप्त करते हैं, जहां दानकर्ता की पहचान करना संभव नहीं होता।

एनपीओ की ‘प्राप्तियों’ पर टैक्स का विरोध

समिति ने गैर-लाभकारी संगठनों (NPOs) की 'प्राप्तियों' पर कर लगाने का विरोध किया है। समिति का मानना है कि यह वास्तविक आय कराधान के सिद्धांत का उल्लंघन है। इसलिए, उन्होंने सुझाव दिया कि केवल 'शुद्ध आय' पर ही टैक्स लगाया जाए, और “आय” की परिभाषा को फिर से स्पष्ट किया जाए।

गुप्त दान पर प्रस्तावित टैक्स का विरोध

विधेयक के खंड 337 के तहत सभी पंजीकृत एनपीओ को मिलने वाले गुप्त दान पर 30% कर लगाने का प्रस्ताव है। इसमें केवल धार्मिक उद्देश्यों के लिए बने एनपीओ को सीमित छूट दी गई है। समिति ने कहा कि यह प्रस्ताव आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 115BBE से अलग है, जो धार्मिक और परमार्थ दोनों प्रकार के ट्रस्टों को छूट प्रदान करता है।

धारा 115बीबीसी को फिर से लागू करने की सिफारिश

समिति ने 1961 के अधिनियम की धारा 115बीबीसी के अनुरूप प्रावधान को फिर से शामिल करने की पुरजोर सिफारिश की है, ताकि धार्मिक एवं परमार्थ ट्रस्टों को उचित कर छूट मिल सके।

'टैक्स वर्ष' की एकल अवधारणा का स्वागत

समिति ने नए विधेयक में "पिछले वर्ष" और "मूल्यांकन वर्ष" की दोहरी अवधारणाओं को समाप्त कर सिर्फ "कर वर्ष" (Tax Year) की एकल व्यवस्था लाने के प्रयास की सराहना की है। रिपोर्ट में कहा गया कि यह कदम कानून को अधिक सरल और सुलभ बनाएगा।

566 सिफारिशों के साथ पेश हुई रिपोर्ट

बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली 31 सदस्यीय समिति ने कुल 566 सिफारिशें की हैं। बीडीओ इंडिया की भागीदार प्रीति शर्मा ने कहा कि अब लोकसभा को इन सिफारिशों पर चर्चा करनी है और आवश्यक सुधारों पर विचार करना होगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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