PNG Price Cut : देश की सबसे बड़ी सिटी गैस रिटेलर कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने नए साल से पहले दिल्ली और एनसीआर के घरेलू उपभोक्ताओं को राहत दी है। कंपनी ने घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाली पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में 0.70 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) की कटौती का ऐलान किया है। यह नई दरें 1 जनवरी से लागू होंगी। IGL ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह फैसला उपभोक्ताओं को स्वच्छ और किफायती ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम कदम है।
नई दरें: कहां कितनी होगी कीमत
कीमतों में कटौती के बाद दिल्ली में PNG की नई दर 47.89 रुपये प्रति SCM होगी। वहीं, गुरुग्राम में यह दर 46.70 रुपये प्रति SCM तय की गई है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में उपभोक्ताओं को अब 47.76 रुपये प्रति SCM की दर से गैस मिलेगी। कंपनी के मुताबिक, इस कटौती से लाखों घरेलू उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर फायदा होगा, खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों को, जिनके मासिक खर्च में रसोई गैस का बड़ा हिस्सा होता है।
PNGRB के फैसले का असर
PNG की कीमतों में यह कटौती पेट्रोलियम और नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) के हालिया फैसले के बाद संभव हो सकी है। PNGRB ने गैस पाइपलाइन टैरिफ ढांचे में बड़ा बदलाव किया है, जिससे गैस के परिवहन की लागत कम हुई है। PNGRB ने 16 दिसंबर को प्राकृतिक गैस के परिवहन के लिए एक नया और सरल टैरिफ स्ट्रक्चर घोषित किया था। इसका मकसद गैस परिवहन को ज्यादा पारदर्शी, न्यायसंगत और उपभोक्ताओं के लिए सस्ता बनाना है।
दो जोन में सिमटा टैरिफ सिस्टम
नए नियमों के तहत दूरी के आधार पर तय किए जाने वाले टैरिफ जोन की संख्या तीन से घटाकर दो कर दी गई है। अब पहला जोन 300 किलोमीटर तक और दूसरा जोन 300 किलोमीटर से ज्यादा दूरी के लिए होगा। सबसे अहम बदलाव यह है कि CNG और घरेलू PNG उपभोक्ताओं के लिए अब पूरे देश में एक समान और कम जोन-1 दर लागू होगी, चाहे गैस स्रोत की दूरी कुछ भी हो। यह दर लगभग 54 रुपये प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (MMBTU) के आसपास रखी गई है।
2026 से लागू होगा नया ढांचा
PNGRB का यह संशोधित टैरिफ ढांचा 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। हालांकि, इसके असर अभी से दिखने लगे हैं। IGL के अलावा Think Gas जैसी अन्य सिटी गैस कंपनियों ने भी अलग-अलग राज्यों में CNG और घरेलू PNG की कीमतों में कटौती की घोषणा की है। इससे संकेत मिलते हैं कि आने वाले समय में उपभोक्ताओं को गैस की कीमतों में और राहत मिल सकती है।
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की कोशिश
IGL ने अपने बयान में कहा कि कंपनी 2026 में प्रवेश करते हुए स्वच्छ ऊर्जा को ज्यादा सुलभ और किफायती बनाने के अपने संकल्प को दोहराती है। कंपनी का मानना है कि PNG और CNG जैसे ईंधन न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर हैं, बल्कि पारंपरिक ईंधनों की तुलना में उपभोक्ताओं की जेब पर भी कम बोझ डालते हैं।
उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर
महंगाई के दौर में PNG की कीमतों में यह कटौती आम लोगों के लिए राहत भरी खबर है। विशेषज्ञों का कहना है कि गैस टैरिफ में सुधार और प्रतिस्पर्धा बढ़ने से भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र में और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कुल मिलाकर, IGL का यह कदम नए साल की शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर के लाखों परिवारों के लिए सस्ता और स्वच्छ ईंधन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
