मिडिल ईस्ट में तनाव अब एक भयानक युद्ध का रूप ले चुका है। इजरायली सेना ने ईरान पर हमले की घोषणा की है, जिसके बाद ईरान की राजधानी तेहरान में भीषण धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। ईरान के पलटवार की आशंका के चलते इजरायली सेना ने अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह हमला इजरायल और अमेरिका ने मिलकर किया है, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर के निजी आवास को निशाना बनाया गया, हालांकि वे वहां मौजूद नहीं थे। तनाव को देखते हुए ईरान ने अपने एयरस्पेस को अगली सूचना तक बंद कर दिया है।
इस युद्ध की आंच केवल इन दो देशों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका सीधा असर भारत की जेब पर पड़ना तय है। अगर वॉर बढ़ता है, तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों से लेकर सोने-चांदी के भाव तक आसमान छू सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस ईरान, अमेरिका और इजराइल के वॉर का असर सोने-चांदी, पेट्रोल-डीजल समेत किन चीजों पर पड़ेगा?
कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आएगा उछाल
युद्ध का सबसे पहला और सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है। ईरान तेल उत्पादक देशों में प्रमुख है और युद्ध की स्थिति में तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ जाता है। भारत अपनी जरूरत का करीब 80 प्रतिशत कच्चा तेल आयात (Import) करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ते ही भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। कच्चे तेल के महंगे होने से परिवहन (Transportation) महंगा हो जाएगा, जिसका सीधा असर फल-सब्जियों से लेकर हर रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर पड़ेगा और महंगाई दर (Inflation) बढ़ेगी।
सोना-चांदी (Gold & Silver) बनेंगे 'सेफ हेवन'
युद्ध के समय जब शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता होती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश करते हैं। ऐसे में सोने और चांदी को 'सेफ हेवन' (Safe Haven) यानी सुरक्षित निवेश माना जाता है। युद्ध गहराते ही दुनिया भर में सोने और चांदी की मांग बढ़ जाएगी, जिससे इनकी कीमतों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिल सकती है। भारतीय बाजार में भी सोने और चांदी के दाम नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं, जिससे शादी-ब्याह के लिए सोना खरीदना आम आदमी के लिए और महंगा हो जाएगा।
भारतीय शेयर बाजार पर असर
युद्ध की खबरों का शेयर बाजार पर बहुत बुरा असर पड़ता है। अनिश्चितता के माहौल में निवेशक घबराकर अपने पैसे शेयर बाजार से निकालने लगते हैं, जिससे बाजार में बड़ी गिरावट आ सकती है। इजरायल-ईरान के बीच छिड़ी इस जंग के कारण भारतीय शेयर बाजार भी बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। निवेशक जोखिम लेने से बचेंगे, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी के सूचकांक तेजी से नीचे जा सकते हैं, और छोटे निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
रसोई गैस (LPG) और अन्य जरूरी चीजों पर असर
कच्चे तेल के साथ-साथ प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव आ सकता है। युद्ध के कारण सप्लाई चेन टूटने से रसोई गैस (LPG) और सीएनजी (CNG) की कीमतें भी प्रभावित हो सकती हैं। विमान ईंधन (ATF) के महंगे होने से हवाई यात्रा भी महंगी हो जाएगी। कुल मिलाकर, यह युद्ध केवल दो देशों के बीच नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाला है, और भारत के लिए यह एक बड़ी आर्थिक चुनौती लेकर आया है।
