Share Market Outlook: शेयर बाजार के लिए बीता हुआ हफ्ता निवेशकों के लिए निराशाजनक रहा, लेकिन आने वाला हफ्ता कई बड़ी खबरों और इवेंट्स की वजह से खास हो सकता है। बाजार की चाल पर जीएसटी काउंसिल की बैठक, ऑटो सेल्स और जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े, अमेरिकी टैरिफ और हाल ही में जारी जीडीपी डेटा का असर देखने को मिलेगा।
फोकस में रहेंगे ये फैक्टर
3-4 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक होने वाली है, जिस पर बाजार की पैनी नजर रहेगी। इसके अलावा, सोमवार से ऑटो सेल्स के आंकड़े आने शुरू हो जाएंगे, जो अर्थव्यवस्था की सेहत का संकेत देंगे। आमतौर पर वाहनों की अच्छी बिक्री को आर्थिक मजबूती का संकेत माना जाता है। वहीं, शुक्रवार को आए जीडीपी आंकड़ों का असर भी सोमवार को बाजार में दिख सकता है। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में भारत की ग्रोथ रेट 7.8% रही, जो अनुमान से कहीं बेहतर है।
बीते हफ्ते बाजार का हाल
पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 443 अंक या 1.78% टूटकर 24,426 पर और सेंसेक्स 1,497 अंक या 1.84% फिसलकर 79,809 पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 3.30% गिरकर 55,727 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 लगभग 3.86% टूटकर 17,227 पर बंद हुआ।
कंपनियों के मार्केट कैप पर असर
सेक्टोरल इंडेक्स में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, रियल्टी, एनर्जी और मेटल शेयर दबाव में रहे। सिर्फ पीएसयू इंडेक्स ने बढ़त दर्ज की और 0.73% ऊपर बंद हुआ। बीते एक हफ्ते में सेंसेक्स 1826 अंक और निफ्टी 540 अंक गिरा। इस गिरावट का असर टॉप कंपनियों के मार्केट कैप पर भी पड़ा। रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे बड़ा झटका लगा और कंपनी का मार्केट कैप करीब 70,700 करोड़ रुपये घट गया।
आगे क्या?
अब निवेशकों की निगाहें जीएसटी काउंसिल की बैठक और ऑटो सेल्स डेटा पर होंगी। साथ ही, जीडीपी के मजबूत आंकड़ों से बाजार को सपोर्ट मिल सकता है। अगर ग्लोबल मार्केट्स और अमेरिकी टैरिफ का असर ज्यादा नहीं रहा, तो भारतीय बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है।
