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भारत कैसे बनेगा ग्लोबल पावर? चंद्रबाबू नायडू ने बताया फॉर्मूला

India Global Power: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि यदि भारत की जनसंख्या, ज्ञान और प्रतिभा पारंपरिक मूल्यों तथा राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप आगे बढ़ती है, तो भारत को वैश्विक शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने जोर दिया कि मजबूत सांस्कृतिक आधार और सही दिशा में विकास देश को विश्व मंच पर अग्रणी बनाएगा।

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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू (तस्वीर-x)

India Global Power : आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि अगर भारत की जनसंख्या, ज्ञान और प्रतिभा देश के पारंपरिक मूल्यों और राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप आगे बढ़ती है, तो भारत को एक वैश्विक शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि भारत के पास युवा आबादी, समृद्ध संस्कृति और मजबूत बौद्धिक परंपरा है, जो देश को आगे ले जाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

तीन बच्चों का सुझाव और जनसंख्या पर विचार

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक मुख्यमंत्री नायडू ने ‘भारतीय विज्ञान सम्मेलन’ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के विचारों से सहमति जताई। उन्होंने कहा कि जनसंख्या को संतुलित और स्थिर बनाए रखने तथा राष्ट्रीय शक्ति को मजबूत करने के लिए विवाहित दंपतियों को आदर्श रूप से तीन बच्चे पैदा करने चाहिए। उनका मानना है कि संतुलित जनसंख्या भविष्य की आर्थिक और सामाजिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी।

भारतीय संस्कृति और संस्कृत विश्वविद्यालय की भूमिका

नायडू ने 1961 में स्थापित राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार और ‘भारतीयता’ व सभ्यतागत मूल्यों पर गर्व के साथ विचार-विमर्श करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने जोर दिया कि भारत की सांस्कृतिक जड़ें जितनी मजबूत होंगी, देश उतना ही आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगा।

भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा

मुख्यमंत्री ने भारत की ऐतिहासिक भूमिका को ज्ञान की अग्रणी शक्ति के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि हड़प्पा सभ्यता में 4,500 साल पहले उन्नत शहरी नियोजन देखने को मिलता है। इसी तरह योग में 2,900 साल पहले आध्यात्मिक विज्ञान का विकास हुआ और आयुर्वेद में 2,600 साल पहले चिकित्सा के क्षेत्र में बड़े इनोवेशन हुए। उन्होंने तक्षशिला और नालंदा जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों का भी उल्लेख किया, जहां खगोल विज्ञान, गणित, चिकित्सा और अर्थशास्त्र जैसे विषयों में उच्च स्तर का शोध होता था।

प्रवासी भारतीय और आईटी क्षेत्र भारत की ताकत

नायडू ने प्रवासी भारतीय समुदाय की उच्च प्रति व्यक्ति आय को भारत की रणनीतिक ताकत बताया। साथ ही उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में भारत की वैश्विक बढ़त की भी चर्चा की। उनका कहना था कि आईटी और तकनीक के क्षेत्र में भारत ने दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है।

आर्थिक सुधार और भविष्य का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1991 में शुरू हुए आर्थिक सुधारों से भारत को नई रफ्तार मिली। इसी के बल पर भारत जल्द ही दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2047 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है।

जल सुरक्षा और गंगा-कावेरी परियोजना

नायडू ने राष्ट्रीय नदी-जोड़ परियोजना के तहत गंगा-कावेरी परियोजना को देश का दीर्घकालीन सपना बताया। उन्होंने कहा कि जल सुरक्षा भारत के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। इसके लिए राज्यों के बीच सहयोग आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि जल सुरक्षा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं में शामिल है, जिससे कृषि, उद्योग और राष्ट्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।

बच्चों को भारतीय संस्कृति से जोड़ने की अपील

मुख्यमंत्री ने अभिभावकों, शिक्षकों और समाज से अपील की कि बच्चों को केवल पश्चिमी सुपरहीरो फिल्मों तक सीमित न रखें। उन्होंने कहा कि बच्चों को भारतीय महाकाव्य और सांस्कृतिक विरासत के बारे में पढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रामायण और महाभारत के पात्र उच्च नैतिक मूल्यों, शक्ति और आदर्शों का प्रतीक हैं। भगवान हनुमान की शक्ति को उन्होंने सुपरमैन से श्रेष्ठ बताया, जबकि अर्जुन को आयरनमैन और बैटमैन से महान योद्धा कहा।

नैतिक शिक्षा और भारत का भविष्य

नायडू ने युवाओं को भगवान कृष्ण और शिव के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि बकासुर और कंस जैसी कथाएं बच्चों को अच्छाई और बुराई का फर्क समझाने में मदद करती हैं। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि इनोवेशन, सांस्कृतिक आधार और रचनात्मक सोच के सहारे भारत आने वाले दशकों में एक मजबूत वैश्विक शक्ति बनकर उभरेगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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