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सरेंडर करनी है LIC पॉलिसी? पहले समझ लें टेन्योर और टैक्स के नियम

कई बार पॉलिसीहोल्डर को किसी वजह से बीमा कवरेज बंद करना पड़ता है या बीच में ही पैसे निकालने की जरूरत होती है। ऐसे में पॉलिसी सरेंडर (Surrender) यानी मैच्योरिटी से पहले पॉलिसी को खत्म करके उसका सरेंडर वैल्यू लेना एक विकल्प बन सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं आप अपनी LIC पॉलिसी समय से पहले कैसे सरेंडर कर सकते हैं।

Surrender LIC Policy

Surrender LIC Policy

लोग अक्सर लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लंबे समय की वित्तीय सुरक्षा के लिए खरीदते हैं। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से कई पॉलिसी ऑफर करती है। ये पॉलिसियां तय समयावधि (Tenure) के लिए होती हैं।

लेकिन कई बार पॉलिसीहोल्डर को किसी वजह से बीमा कवरेज बंद करना पड़ता है या बीच में ही पैसे निकालने की जरूरत होती है। ऐसे में पॉलिसी सरेंडर (Surrender) यानी मैच्योरिटी से पहले पॉलिसी को खत्म करके उसका सरेंडर वैल्यू लेना एक विकल्प बन सकता है। हालांकि, LIC पॉलिसी सरेंडर करने से आपको आर्थिक नुकसान हो सकता है और बीमा कवरेज भी खत्म हो जाएगा। इसलिए इस फैसले को लेने से पहले कुछ जरूरी बातों को समझना बहुत अहम है।

1. आर्थिक दबाव (Financial Pressure)

अगर नौकरी जाने, अचानक खर्च बढ़ने या अन्य कारणों से प्रीमियम भरना मुश्किल हो रहा है तो पॉलिसी बंद करने का मन बन सकता है। लेकिन ध्यान रहे, जल्दी बंद करने पर आपको प्रीमियम से कम राशि ही वापस मिलेगी। ऐसे हालात में आप चाहें तो पॉलिसी को पेड-अप (Paid-Up) करा सकते हैं। इसमें आपको आगे प्रीमियम नहीं भरना होता, लेकिन कम कवरेज मिलता रहता है।

2. पॉलिसी का टेन्योर और सरेंडर वैल्यू

LIC पॉलिसी आमतौर पर तभी सरेंडर वैल्यू देती है जब कम से कम 3 साल का प्रीमियम भर लिया गया हो। शुरुआती सालों में सरेंडर वैल्यू बहुत कम होती है। जितना लंबा समय पॉलिसी चलती है, सरेंडर वैल्यू उतनी ही बढ़ती है। इसलिए जल्दी पॉलिसी सरेंडर करने पर ज्यादा नुकसान हो सकता है।

3. दूसरे निवेश विकल्प

कई पॉलिसीहोल्डर LIC पॉलिसी इसलिए सरेंडर करते हैं क्योंकि उन्हें म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट या नई इंश्योरेंस स्कीम्स में ज्यादा रिटर्न दिखते हैं। लेकिन इस फैसले से पहले यह जरूर देखें कि आपकी पॉलिसी का सरेंडर वैल्यू कितना है और नए निवेश से कितने रिटर्न मिल सकते हैं।

4. इंश्योरेंस की जरूरत

LIC की पारंपरिक पॉलिसियां बहुत ज्यादा रिटर्न तो नहीं देतीं, लेकिन इनमें लाइफ कवर मिलता है। अगर आपके पास किसी और सोर्स से पर्याप्त इंश्योरेंस नहीं है, तो पॉलिसी सरेंडर करने से आपके परिवार पर आर्थिक जोखिम बढ़ सकता है।

5. टैक्स नियम (Tax Implications)

अगर आप LIC पॉलिसी सरेंडर करते हैं तो आपको आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80C के तहत मिलने वाला टैक्स लाभ बंद हो जाएगा। यानी आपकी टैक्स लायबिलिटी बढ़ सकती है। इसलिए सरेंडर करने से पहले टैक्स इफेक्ट जरूर समझ लें।

LIC पॉलिसी सरेंडर करना एक बड़ा वित्तीय फैसला है। इसे जल्दबाजी में लेने से नुकसान ज्यादा और फायदा कम हो सकता है। अपनी वित्तीय स्थिति, लंबी अवधि की जरूरत और उपलब्ध विकल्पों को ध्यान में रखकर ही यह कदम उठाएं। अगर असमंजस हो तो किसी फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह लेना समझदारी होगी।

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रिचा त्रिपाठी
रिचा त्रिपाठी Author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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