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JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: 6 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र कुश महतो की बिगड़ी तबीयत, सदर अस्पताल रेफर

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का उग्र आंदोलन जारी है। इस बीच, पिछले 6 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता कुश महतो की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टर ने ताजा अपडेट दिया है।

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6 दिनों की भूख हड़ताल से बिगड़ी छात्र नेता कुश महतो की तबीयत

Photo : ANI

झारखंड में लोक सेवा आयोग (JPSC) और JSSC की परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं और OMR शीट में हेराफेरी को लेकर छात्रों का प्रदर्शन अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। एक तरफ जहां आंदोलन का चेहरा बने छात्र भूख हड़ताल के कारण बीमार पड़ रहे हैं।

लगातार 6 दिनों से अनशन और भूख हड़ताल पर बैठे छात्र आंदोलनकारी कुश महतो की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई। शुरुआती स्तर पर डॉक्टरों ने बताया कि उनमें जी मिचलाने और उल्टी होने जैसे लक्षण दिखने लगे थे, जिसके बाद उन्हें तुरंत रांची के सदर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।

डॉक्टरों ने क्या बताया?

सदर अस्पताल के डॉक्टर शशि निराला ने उनकी स्थिति पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया, "कुश महतो पिछले छह दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर थे, जिससे वे लंबे समय तक भुखमरी की स्थिति में रहे। गंभीर डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के कारण उन्हें जी मिचलाने, उल्टी की प्रवृत्ति होने और पेट में अत्यधिक बेचैनी व दर्द की शिकायत थी।

उनकी स्थिति को संभालना लगातार कठिन होता जा रहा था। इसी वजह से हमने तुरंत एम्बुलेंस के जरिए उन्हें सदर अस्पताल शिफ्ट कराया।" वहीं सदर अस्पताल के डॉक्टर उमेश ने बताया कि मरीज को फिलहाल जरूरी दवाइयों और पूर्ण रूप से आराम की जरूरत है, जहां उनका इलाज जारी है।

सरकार से 5 घंटे की वार्ता और सदस्यों के इस्तीफे

रविवार को छात्र प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के बीच छठे दौर की बातचीत हुई, जो करीब 5 घंटे तक चली। छात्र प्रतिनिधिमंडल का दावा है कि सरकार JPSC, JPSC बैकलॉग 2023 और 2025 की परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमत हो गई है।

हालांकि, छात्र नेता रवींद्र पासवान ने साफ कहा है कि सरकार को केवल कोर्ट के भरोसे नहीं रहना चाहिए, बल्कि सामने आए सबूतों के आधार पर खुद परीक्षाएं रद्द करने की पहल करनी चाहिए। जेपीएसी-जेएसएससी मंच ने स्पष्ट किया है कि वे अपना शांतिपूर्ण विधानसभा घेराव जारी रखेंगे।

JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा

इस बीच, जांच की आंच आयोग के शीर्ष पदाधिकारियों तक पहुंच चुकी है। पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के इस्तीफे के बाद अब तीन संवैधानिक सदस्यों-डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने भी अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया है, जिसे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।

monu jha
मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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