Gandhinagar News: गुजरात के गांधीनगर के पेथापुर में 17 साल 10 महीने की एक नाबालिग लड़की की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, लड़की का एक युवक के साथ संबंध था और 6 अगस्त को दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने थे। इसके बाद लड़की को निजी अंग से रक्तस्राव की शिकायत हुई और उसे इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया। पुलिस को 7 अगस्त को मामले की जानकारी मिली। लड़की की उम्र 18 साल से कम होने के कारण पेथापुर पुलिस ने तुरंत POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी युवक को हिरासत में लिया।
डॉक्टरों ने FSL जांच के लिए अलग-अलग सैंपल लिए
पुलिस के अनुसार, लड़की की हालत बिगड़ने के बाद उसका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज कराया गया। गंभीर जटिलताओं के चलते 8 अगस्त की देर रात उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी में अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर संक्रमण की बात सामने आई थी। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट करने के लिए डॉक्टरों की राय और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। गांधीनगर के ASP आयुष जैन ने बताया कि नाबालिग का फॉरेंसिक पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया गया है। डॉक्टरों ने FSL जांच के लिए अलग-अलग सैंपल लिए हैं। ASP ने कहा कि लैब से पूरी रिपोर्ट मिलने और डॉक्टरों की मेडिकल राय आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग की उम्र 18 साल से कम होने के कारण POCSO एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है। मामले में आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।फॉरेंसिक रिपोर्ट और डॉक्टरों की अंतिम राय के आधार होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और नाबालिग की तबीयत बिगड़ने के पीछे वास्तविक चिकित्सकीय कारण क्या था। फिलहाल पुलिस ने शुरुआती जांच में गैंगरेप की संभावना सामने आने की बात से इनकार किया है। मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट और डॉक्टरों की अंतिम राय के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ASP आयुष जैन के मुताबिक, 6 अगस्त को नाबालिग और उसके दोस्त के बीच संबंध बने थे। इसके बाद उसे रक्तस्राव की शिकायत हुई और वह अपने दोस्त के साथ अस्पताल गई। पुलिस को 7 अगस्त को जानकारी मिली, जिसके बाद POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया गया। ASP ने कहा कि 8 अगस्त की देर रात नाबालिग की मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम के दौरान डॉक्टरों ने FSL के लिए सैंपल लिए हैं। रिपोर्ट और डॉक्टरों की राय मिलने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
