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रिटायरमेंट पर कितने पैसे की होगी जरूरत,चेक करें अपनी उम्र के हिसाब से अमाउंट

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Mar 22, 2023, 04:14 PM IST

Retirement Planning and fund requirement: रिटायरमेंट के लिए प्लानिंग में सबसे अहम उम्र होती है। क्योंकि जितना आपके पास रिटायरमेंट के लिए समय होगा, उतने कम निवेश में आप अच्छा फंड तैयार कर सकती है। यानी जितनी जल्दी रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू करेंगे, उतना ही आपको आसानी होगी।

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रिटायरमेंट के लिए ऐसे करें प्लानिंग

Retirement Planning and fund requirement: कहते हैं कमाई के समय से ही बचत करने का मौका होता है। यानी जब आप कमाते हैं, उसी वक्त ही ज्यादा से ज्यादा बचत भी कर सकते हैं। क्योंकि एक बार कमाई का रास्ता खत्म हो गया तो बचत करना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बढ़ते खर्च के दौर में रिटायरमेंट की प्लानिंग करना भी बेहद जरूरी है। और जिस तरह से पुराना पेंशन सिस्टम खत्म हो गया है, ऐसे में हर व्यक्ति को रिटायरमेंट की प्लानिंग करनी चाहिए। और यह प्लानिंग इस तरह होनी चाहिए कि आप जान सकें, कि जब आप काम नहीं करेंगे, तो आपको अपना घर चलाने के लिए कितने पैसे की जरूरत होगी। इस कैलकुलेशन में रिटायरमेंट के समय होने वाले खर्च और महंगाई को भी शामिल करना होगा। उसके बाद सही मायने में रिटायरमेंट प्लानिंग हो पाएगी।

इस फॉर्मूले से पता करें रिटायरमेंट प्लानिंग

रिटायरमेंट के लिए प्लानिंग में सबसे अहम उम्र होती है। क्योंकि जितना आपके पास रिटायरमेंट के लिए समय होगा, उतने कम निवेश में आप अच्छा फंड तैयार कर सकती है। यानी जितनी जल्दी रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू करेंगे, उतना ही आपको आसानी होगी।

इसके अलावा रिटायरमेंट में महंगाई की भूमिका बेहद अहम होती है। क्योंकि जब आप रिटायर होंगे तो वस्तुओं की कीमतें आज की तुलना में कहीं ज्यादा होंगी। और आपको उस आधार पर अपने खर्च का कैलकुलेशन करना होगा।

रिटायरमेंट के समय फंड= रिटायरमेंट के समय सालाना खर्च X 60 साल पूरा होने में बचा समय/ (1+महंगाई दर) ^ रिटायरमेंट उम्र

इसके आधार पर रिटायरमेंट फंड की प्लानिंग की जा सकती है। टीओआई की एक रिपोर्ट के अनुसार अगर किसी व्यक्ति को रिटायरमेंट के समय सालाना 10 लाख रुपये की जरूरत है। और उसे रिटायर होने में 20 साल का समय बचा है। तो 6 फीसदी महंगाई दर के आधार पर उसे 2.50 करोड़ रुपये फंड की जरूरत पड़ेगी।

निवेश के लिए अपनाए ये स्ट्रैटेजी

अगर कम पैसे में आप ज्यादा बचत करना चाहते हैं तो निवेश को डाइवर्सिफाई करना बेहद जरूरी है। यानी सारा पैसा एक जगह निवेश नहीं करे। बल्कि अलग-अलग जगहों पर अपना निवेश करें।

1. NPS

2.गोल्ड

3.SIP

4.रियल एस्टेट

इन जगहों में रिस्क के आधार पर निवेश को डावर्सिफाई किया जा सकता है। हालांकि निवेश से पहले एकस्पर्ट की सलाह जरुर लें।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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