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नौकरी जाने के बाद PF से कितना पैसा निकाल सकते हैं? जानें क्या कहता है EPFO का नया नियम

अगर किसी कारण से आपकी नौकरी छूट जाती है तो पीएफ आपका सहारा बन सकता है। आप पीएफ अकाउंट में जमा रकम निकालकर अपना घर आसानी से चला सकते हैं।

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पीएफ निकासी के नियम

किसी भी नौकरीपेशा व्यक्ति की अचानक नौकरी छूटने पर पैसे की तंगी हो सकती है। ऐसा इसलिए कि मंथली सैलरी आनी बंद हो जाती है। हालांकि, इस बुरे वक्त में आपका PF अकाउंट में जमा रकम सहारा बना सकता है। आपको बता दें कि नौकरी जाने की स्थिति में कर्मचारियों की मदद करने के लिए, एम्प्लॉईज़ प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइज़ेशन (EPFO) ने अपने पैसे निकालने के नियमों को आसान बना दिया है।

कर्मचारी पेंशन फंड बॉडी ने फंड निकालने के लिए कैटेगरी की संख्या कम कर दी है, जिससे मेंबर्स के लिए अपना फंड निकालना आसान हो गया है। EPFO के बदले हुए फ्रेमवर्क ने पैसे निकालने की कैटेगरी को 13 से घटाकर 3 बड़े ग्रुप कर दिया है जिसमें जरूरी जरूरतें, घर की जरूरतें, और खास हालात शामिल है। इससे मेंबर्स के लिए यह तय करना आसान हो जाता है कि वे अपना पैसा कब और कैसे निकाल सकते हैं। बेरोजगारी की वजह से पैसे निकालना खास हालात कैटेगरी में आता है।

नौकरी जानें पर कितना पैसा निकाल सकते हैं?

अगर आपकी नौकरी चली जाती है या आपकी कंपनी आपको निकाल देती है, तो बदले हुए EPFO विड्रॉल नियमों के तहत बेरोजगार व्यक्ति पहले साल में थोड़ा पैसा निकाल सकता है। अब आप अपने PF बैलेंस का 75% तक तुरंत निकाल सकते हैं, जबकि बाकी 25% रकम 12 महीने बाद निकाली जा सकती है। अगर व्यक्ति बेरोज़गार रहता है। EPFO ने कहा है कि अब, निकाले जा सकने वाले अमाउंट में एम्प्लॉई कंट्रीब्यूशन और इंटरेस्ट के अलावा एम्प्लॉयर कंट्रीब्यूशन भी शामिल होगा।

75% निकासी के पीछे लॉजिक क्या है?

सिर्फ 75% PF विड्रॉल की इजाजत देने के पीछे का कारण यह है कि मेंबर्स एक बार में अपनी सारी सेविंग्स न खो दें। EPFO के अनुसार, बार-बार पैसे निकालने की वजह से, कम सैलरी वाले वर्कर्स को @8.25% कंपाउंडिंग के फायदों का एहसास नहीं होता और इस तरह वे अपनी वर्किंग लाइफ के आखिर में ज्यादा सोशल सिक्योरिटी से हाथ धो बैठैते हैं।

100% PF निकासी संभव?

पूरा PF बैलेंस, जिसमें 25% मिनिमम बैलेंस शामिल है, निकाला भी जा सकता है। इसकी इजाजत 55 साल की सर्विस पूरी करने के बाद रिटायरमेंट, परमानेंट डिसेबिलिटी, काम न कर पाने, नौकरी से निकाले जाने, वॉलंटरी रिटायरमेंट या हमेशा के लिए भारत छोड़ने जैसी स्थितियों में है। अपडेट किया गया फ्रेमवर्क 58 साल की उम्र में पेंशन एलिजिबिलिटी पर असर नहीं डालता है। एक मेंबर को 10 साल की सर्विस पूरी होने से पहले, उन 10 सालों के दौरान कभी भी एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (EPS) अकाउंट में जमा रकम निकालने की इजाजत है। हालांकि, रिटायरमेंट पर पेंशन के लिए एलिजिबल होने के लिए, मेंबर के पास कम से कम 10 साल की EPS मेंबरशिप होनी चाहिए और वह लगातार कंट्रीब्यूशन करता रहे।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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