बिजनेस

RBI में कितने डिप्टी गवर्नर, क्या-क्या करते हैं काम?

RBI Deputy Governors: भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल में गवर्नर संजय मल्होत्रा के अलावा डिप्टी गवर्नरों के बीच विभागों का बंटवारा किया है, जिसमें डिजिटल बैंकिंग, फिनटेक जैसे पारंपरिक क्षेत्रों को भी मजबूत बनाने की कोशिश की गई है।

Image

आरबीआई में डिप्टी गवर्नरों के विभागों का बंटवारा (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

RBI Deputy Governors : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को अपने डिप्टी गवर्नरों के बीच विभागों का नया बंटवारा किया। इस फेरबदल में हर डिप्टी गवर्नर को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि बैंक का काम बेहतर तरीके से चल सके। इस बदलाव के साथ नए नियुक्त अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं दी गई हैं। इस नए विभागीय बंटवारे से साफ है कि आरबीआई अपने कामकाज को आधुनिक जरूरतों के अनुसार ढाल रहा है। डिजिटल बैंकिंग, फिनटेक और विदेशी मुद्रा जैसे क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, पारंपरिक विभागों जैसे निरीक्षण और विनियमन को भी मजबूत किया गया है। आने वाले समय में यह बदलाव बैंकिंग सिस्टम को और मजबूत बनाने में मदद कर सकता है।

RBI में कुल 4 डिप्टी गवर्नर

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में गवर्नर के अलावा कुल चार डिप्टी गवर्नर (स्वामीनाथन जानकीरमन, पूनम गुप्ता, शिरीष चंद्र मुर्मू, रोहित जैन) होते हैं। ये सभी गवर्नर संजय मल्होत्रा के साथ मिलकर केंद्रीय बैंक के कामकाज को संभालते हैं। हर डिप्टी गवर्नर को अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी दी जाती है, जैसे मौद्रिक नीति, बैंकिंग विनियमन, निरीक्षण, वित्तीय प्रौद्योगिकी और विदेशी मुद्रा आदि। इन पदों पर नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाती है और ये बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। डिप्टी गवर्नर आरबीआई की नीतियों को लागू करने, वित्तीय स्थिरता बनाए रखने और देश की अर्थव्यवस्था को दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं वे चारों कौन हैं, क्या-क्या जिम्मेदारी निभाते हैं।

स्वामीनाथन जानकीरमन को सबसे ज्यादा जिम्मेदारी

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक आरबीआई के सीनियर डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जानकीरमन को सबसे ज्यादा यानी 11 विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनके पास पर्यवेक्षण (सुपरविजन), कानूनी मामलों (लॉ), और जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) जैसे अहम विभाग होंगे। इसके अलावा निरीक्षण से जुड़े काम भी इन्हीं के जिम्मे रहेंगे। आरबीआई ने यह भी बताया कि सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने की जिम्मेदारी भी जानकीरमन संभालेंगे।

पूनम गुप्ता को मिला मौद्रिक नीति विभाग

डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता को कुल 6 विभाग दिए गए हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण मौद्रिक नीति विभाग भी शामिल है। यह विभाग देश की ब्याज दरों और महंगाई को नियंत्रित करने से जुड़ा होता है, इसलिए इसे काफी अहम माना जाता है। पूनम गुप्ता की भूमिका इस लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हो जाती है।

शिरीष चंद्र मुर्मू संभालेंगे विनियमन और प्रवर्तन

डिप्टी गवर्नर शिरीष चंद्र मुर्मू को पांच विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें विनियमन (रेगुलेशन) और प्रवर्तन (एनफोर्समेंट) जैसे अहम विभाग शामिल हैं। इन विभागों का काम बैंकों और वित्तीय संस्थानों के नियमों की निगरानी करना और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करना होता है।

रोहित जैन को मिली बड़ी जिम्मेदारी

नवनियुक्त डिप्टी गवर्नर रोहित जैन को 10 विभाग सौंपे गए हैं। यह जिम्मेदारी काफी बड़ी मानी जा रही है। उनके पास वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक), विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) जैसे आधुनिक और तेजी से बढ़ते क्षेत्र होंगे। ये विभाग डिजिटल बैंकिंग और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के लिए बेहद अहम हैं। रोहित जैन ने हाल ही में टी. रबी शंकर की जगह ली है। टी. रबी शंकर का कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ है। उनका विस्तारित कार्यकाल शनिवार को खत्म हुआ, जिसके बाद यह बदलाव किया गया।

RBI Deputy Governors, RBI, Reserve Bank of India, Rohit Jain, Swaminathan Janakiraman, Poonam Gupta, Shirish Chandra Murmu

आरबीआई में विभागों का नया बंटवारा

बेहतर तालमेल पर जोर

आरबीआई ने इस नए बंटवारे के साथ यह साफ किया है कि उसका उद्देश्य कामकाज को और अधिक सुचारु बनाना है। अलग-अलग डिप्टी गवर्नरों को उनकी विशेषज्ञता के अनुसार विभाग दिए गए हैं, ताकि फैसले जल्दी और प्रभावी तरीके से लिए जा सकें। खास तौर पर समन्वय (कोऑर्डिनेशन) की जिम्मेदारी एक ही व्यक्ति को देना इस दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article