रोहित जैन को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति तीन साल के कार्यकाल के लिए की गई है। केंद्रीय कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने रोहित जैन की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। वह 3 मई 2026 या उसके बाद पदभार ग्रहण करेंगे।
टी. रबी शंकर की लेंगे जगह
रोहित जैन फिलहाल रिजर्व बैंक में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। वह टी. रबी शंकर की जगह लेंगे। जिनका कार्यकाल आज समाप्त हो गया। टी.रबी शंकर को पहली बार सितंबर 2021 में RBI का डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्हें 2024 और फिर 2025 में कार्यकाल विस्तार दिया गया था।
रोहित जैन के पास है व्यापक कार्य अनुभव
रोहित जैन ने रिजर्व बैंक में सुपरविजन, मानव संसाधन प्रबंधन, बैंकिंग और कई अन्य महत्वपूर्ण विभागों में काम किया है। उन्हें RBI के अनुभवी अधिकारियों में गिना जाता है। इससे पहले दिसंबर 2020 में उन्हें RBI का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया था। इस पद पर रहते हुए उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ सुपरविजन (रिस्क, एनालिटिक्स एंड वल्नरेबिलिटी असेसमेंट) की जिम्मेदारी संभाली।
क्या है शैक्षणिक योग्यता
रोहित जैन के पास कॉमर्स में मास्टर्स डिग्री और MBA की डिग्री है। इसके अलावा उनके पास बैंकिंग और वित्त क्षेत्र से जुड़े कई पेशेवर प्रमाणपत्र भी हैं। उन्होंने इंटरनेशनल सर्टिफिकेट इन बैंकिंग रिस्क एंड रेगुलेशन (ICBRR),सर्टिफाइड एसोसिएट ऑफ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (CAIIB) और सर्टिफाइड बैंक ट्रेनर के भी पेशेवर ट्रेनिंग ले रखी है।
RBI में क्या होगी भूमिका?
RBI में एक गवर्नर और चार डिप्टी गवर्नर होते हैं। इनमें दो डिप्टी गवर्नर RBI के भीतर से पदोन्नत किए जाते हैं,जबकि दो बाहर से नियुक्त होते हैं। RBI अधिनियम 1934 के अनुसार, चार डिप्टी गवर्नरों में दो आंतरिक अधिकारी, एक वाणिज्यिक बैंकिंग क्षेत्र से और एक अर्थशास्त्री शामिल होता है, जो मौद्रिक नीति विभाग का नेतृत्व करता है। रोहित जैन की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब बैंकिंग नियमन,जोखिम प्रबंधन और वित्तीय स्थिरता RBI की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
