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Property Demand: 10 साल के टॉप पर घरों की मांग, जानें मुंबई-दिल्ली से लेकर प्रमुख शहरों का हाल

Property Demand In Major Cities: जनवरी से जून के बीच आठ प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री 11 प्रतिशत बढ़कर 1,73,241 इकाई हो गई, जबकि ऑफिस स्पेस की मांग 33 प्रतिशत बढ़कर 3.47 करोड़ वर्ग फुट रही।

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नाइट फ्रैंक रिपोर्ट

Property Demand In Major Cities:देश में 2024 की पहली छमाही में भारतीय रियल एस्टेट बाजार में तेजी बनी रही, जिससे मकानों की बिक्री 11 साल के उच्च स्तर, 1.73 लाख इकाई पर पहुंच गई।रियल एस्टेट सलाहकार नाइट फ्रैंक के अनुसार, इस दौरान देश के आठ प्रमुख शहरों में ऑफिस स्पेस की मांग रिकॉर्ड 3.47 करोड़ वर्ग फुट पर पहुंच गई।वार्षिक आधार पर इस वर्ष जनवरी से जून के बीच आठ प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री 11 प्रतिशत बढ़कर 1,73,241 इकाई हो गई, जबकि ऑफिस स्पेस की मांग 33 प्रतिशत बढ़कर 3.47 करोड़ वर्ग फुट रही।

क्यों बढ़ी डिमांड

नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि मजबूत आर्थिक बुनियाद तथा स्थिर सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण भारत का रियल एस्टेट बाजार पिछली कुछ तिमाहियों में तेजी से बढ़ा है।उन्होंने बृहस्पतिवार को ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इसके परिणामस्वरूप आवासीय तथा ऑफिस स्पेस की मांग दशक भर में सबसे अधिक रही।उन्होंने कहा कि 2024 की पहली छमाही (जनवरी-जून) में कुल बिक्री में प्रीमियम आवास की हिस्सेदारी 34 प्रतिशत रही।

किस शहर में कितनी डिमांड

मुंबई में आवासीय बिक्री जनवरी-जून 2024 में सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर 47,259 इकाई रही, जबकि शहर में ऑफिस स्पेस की मांग 79 प्रतिशत बढ़कर 58 लाख वर्ग फुट हो गई।

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आवासीय बिक्री चार प्रतिशत घटकर 28,998 इकाई रह गई, हालांकि ऑफिस स्पेस की मांग 11.5 प्रतिशत बढ़कर 57 लाख वर्ग फुट हो गई।

बेंगलुरू में आवासीय बिक्री में चार प्रतिशत की वृद्धि देखी गई और यह 27,404 इकाई हो गई जबकि ऑफिस स्पेस की मांग 21 प्रतिशत बढ़कर 84 लाख वर्ग फुट हो गई। पुणे में आवासीय बिक्री 13 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 24,525 इकाई रही, जबकि कार्यालय स्थान की मांग 88 प्रतिशत बढ़कर 44 लाख वर्ग फुट हो गई।

चेन्नई में आवासीय मांग में उछाल और ऑफिस स्पेस की मांग में इस अवधि में गिरावट आई। हैदराबाद, कोलकाता और अहमदाबाद में आवासीय तथा ऑफिस स्पेस की मांग दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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