Home Purchase Mistakes : आज के समय में हर व्यक्ति अपना घर खरीदने का सपना देखता है। बढ़ती महंगाई और प्रॉपर्टी की ऊंची कीमतों के बीच लोग अक्सर सस्ता घर तलाशने लगते हैं। कई बार कम कीमत का ऑफर इतना आकर्षक लगता है कि लोग बिना ज्यादा जांच-पड़ताल किए ही घर खरीदने का फैसला कर लेते हैं। लेकिन जल्दबाजी में लिया गया यह फैसला बाद में बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का कहना है कि घर खरीदते समय केवल कीमत नहीं, बल्कि कई जरूरी बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी होता है। आइए जानते हैं सस्ता घर खरीदने के दौरान लोग कौन-कौन सी बड़ी गलतियां (house buying mistakes) करते हैं।
कानूनी दस्तावेजों की जांच न करना
घर खरीदते समय सबसे बड़ी गलती प्रॉपर्टी के कागजात ठीक से न जांचना है। कई बार सस्ती प्रॉपर्टी विवादित जमीन पर बनी होती है या उसके जरूरी दस्तावेज अधूरे होते हैं। ऐसे मामलों में बाद में कानूनी परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए रजिस्ट्री, नक्शा, जमीन का मालिकाना हक और बैंक अप्रूवल जैसे दस्तावेज अच्छी तरह जांच लें।
बिना लोकेशन जांचे घर खरीदना
कई लोग कम कीमत देखकर ऐसे इलाके में घर खरीद लेते हैं जहां आने-जाने की सुविधा ठीक नहीं होती। आसपास स्कूल, अस्पताल, बाजार या सार्वजनिक परिवहन जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं होतीं। बाद में रोजमर्रा की जरुरतों के लिए लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसलिए घर खरीदने से पहले लोकेशन की पूरी जानकारी जरूर लें।
बिल्डर की विश्वसनीयता पर ध्यान न देना
अगर आप फ्लैट खरीद रहे हैं तो बिल्डर का रिकॉर्ड जरूर देखें। कई लोग केवल कम कीमत के कारण ऐसे बिल्डर के प्रोजेक्ट में पैसा लगा देते हैं जिनकी बाजार में अच्छी छवि नहीं होती। इससे प्रोजेक्ट में देरी, खराब निर्माण या धोखाधड़ी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
केवल विज्ञापन देखकर भरोसा कर लेना
आजकल कई प्रोजेक्ट्स बड़े-बड़े विज्ञापन देकर लोगों को आकर्षित करते हैं। लेकिन जमीन पर स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए केवल विज्ञापन या सोशल मीडिया पोस्ट देखकर फैसला न करें। साइट विजिट जरूर करें।
घर की क्वालिटी जांचे बिना खरीद लेना
कई बार सस्ते घरों में निर्माण की गुणवत्ता कमजोर होती है। दीवारों में सीलन, खराब पाइपलाइन, बिजली की दिक्कत या कमजोर स्ट्रक्चर जैसी समस्याएं बाद में सामने आती हैं। घर खरीदने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच करना जरूरी है।
छिपे हुए खर्चों को नजरअंदाज करना
लोग अक्सर सिर्फ घर की कीमत देखते हैं, लेकिन उसके साथ जुड़ी दूसरी लागतों पर ध्यान नहीं देते। रजिस्ट्रेशन फीस, मेंटेनेंस चार्ज, पार्किंग फीस और टैक्स जैसे खर्च बाद में बजट बिगाड़ सकते हैं। इसलिए कुल खर्च का सही हिसाब पहले ही लगा लें।
होम लोन की शर्तें समझे बिना फैसला लेना
कई खरीदार जल्दबाजी में ऐसा होम लोन ले लेते हैं जिसकी ईएमआई बाद में बोझ बन जाती है। ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और लोन की अवधि जैसी शर्तों को अच्छी तरह समझना जरूरी है। अपनी आय और खर्च के हिसाब से ही लोन लें।
भविष्य की जरुरतों को नजरअंदाज करना
कुछ लोग केवल मौजूदा जरूरत देखकर छोटा या कम सुविधाओं वाला घर खरीद लेते हैं। बाद में परिवार बढ़ने या जरूरतें बदलने पर वही घर छोटा लगने लगता है। इसलिए घर खरीदते समय भविष्य की जरुरतों को भी ध्यान में रखें।
आसपास के माहौल की जानकारी न लेना
घर खरीदने से पहले उस इलाके के माहौल की जानकारी लेना भी जरूरी है। सुरक्षा व्यवस्था, पानी की उपलब्धता, ट्रैफिक और प्रदूषण जैसी चीजें आपकी जिंदगी पर सीधा असर डालती हैं।
एक्सपर्ट की सलाह न लेना
कई लोग पैसे बचाने के लिए प्रॉपर्टी एक्सपर्ट या वकील की सलाह नहीं लेते। लेकिन विशेषज्ञ की मदद से आप बड़ी गलती और आर्थिक नुकसान से बच सकते हैं। घर खरीदने से पहले अनुभवी लोगों की राय जरूर लें।
