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HDFC Bank ने इन 3 अवधियों के लिए घटाया MCLR; किसे मिलेगा Loan की EMI कम होने का फायदा

HDFC बैंक ने अपने ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए चुनिंदा टेन्योर के लिए लोन दरों (MCLR) में कटौती की घोषणा की है।

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HDFC Bank (Photo: iStock)

देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक HDFC ने अपने MCLR (Marginal Cost of Funds Based Lending Rate) में बदलाव किया है। बैंक ने कुछ शॉर्ट-टर्म अवधि के लिए MCLR में कटौती की है, जबकि तीन साल की अवधि वाले MCLR में बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 7 मई 2026 से लागू हो गई हैं। इसका असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जिनके लोन MCLR आधारित ब्याज दरों से जुड़े हुए हैं।

इन 3 अवधि के लिए घटा MCLR

HDFC Bank

HDFC Bank (Photo: iStock)

बैंक द्वारा जारी नई दरों के अनुसार, ओवरनाइट और एक महीने की अवधि वाले MCLR को 8.10 प्रतिशत से घटाकर 8.05 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी तरह तीन महीने का MCLR 8.20 प्रतिशत से घटकर 8.15 प्रतिशत और छह महीने का MCLR 8.35 प्रतिशत से घटाकर 8.30 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे शॉर्ट-टर्म लोन लेने वाले ग्राहकों को कुछ राहत मिल सकती है और उनकी EMI में हल्की कमी देखने को मिल सकती है।

हालांकि, बैंक ने तीन साल की अवधि वाले MCLR को 8.55 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.60 प्रतिशत कर दिया है। इसका मतलब है कि जिन ग्राहकों के लोन की ब्याज दर तीन साल के MCLR से जुड़ी हुई है, उनकी EMI पर थोड़ा अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। वहीं, एक साल और दो साल की अवधि वाले MCLR में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ये क्रमशः 8.35 प्रतिशत और 8.45 प्रतिशत पर स्थिर बने हुए हैं।

अवधिनया MCLR
ओवरनाइट8.05%
1 महीना8.05%
3 महीने8.15%
6 महीने8.30%
1 साल8.35%
2 साल8.45%
3 साल8.60%

नई दरों के बाद HDFC Bank की MCLR दरें अब 8.05 प्रतिशत से लेकर 8.60 प्रतिशत के बीच हो गई हैं। इससे पहले यह सीमा 8.10 प्रतिशत से 8.55 प्रतिशत तक थी। बैंक ने अप्रैल 2026 की पिछली समीक्षा के मुकाबले यह बदलाव किया है।

MCLR क्या होता है?

MCLR वह न्यूनतम ब्याज दर होती है जिस पर बैंक ग्राहकों को लोन देता है। बैंक अपने फंड की लागत, नकदी की स्थिति और अन्य वित्तीय कारकों के आधार पर समय-समय पर इसमें बदलाव करते हैं। जिन ग्राहकों के होम लोन, ऑटो लोन या अन्य फ्लोटिंग रेट लोन MCLR से जुड़े होते हैं, उन पर इसका सीधा असर पड़ता है। ब्याज दर कम होने पर EMI घट सकती है या लोन की अवधि कम हो सकती है, जबकि दर बढ़ने पर EMI में बढ़ोतरी संभव होती है।

शॉर्ट-टर्म लोन ग्राहकों को राहत

रिपोर्ट के अनुसार, बैंक ने अपने बेस रेट, Benchmark Prime Lending Rate (BPLR) और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में भी संशोधन किया है। हालांकि, मुख्य फोकस MCLR में किए गए बदलाव पर रहा, क्योंकि इसका असर सीधे कर्ज लेने वालों पर पड़ता है। बैंक की इस नई दर संरचना से साफ है कि HDFC Bank फिलहाल शॉर्ट-टर्म लोन ग्राहकों को राहत देने की कोशिश कर रहा है, जबकि लंबी अवधि वाले कुछ लोन पर ब्याज दरों में मामूली बढ़ोतरी की गई है। ऐसे में जिन लोगों का लोन MCLR आधारित है, उन्हें अपनी लोन अवधि और नई ब्याज दरों की जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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