HDFC Bank 3-Year FD Calculation: HDFC Bank अपने ग्राहकों को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रहा है। आप भी एफडी में निवेश कर 1 लाख का ब्याज पा सकते हैं। दरअसल, वर्तमान में बैंक 3 साल की एफडी पर सामान्य नागरिकों को 6.45 प्रतिशत और सीनियर सिटिजन ग्राहकों को 6.95 प्रतिशत की दर से ब्याज दे रहा है। वहीं, अगर ग्राहक 3 साल से अधिक अवधि यानी 3 साल और 1 दिन के लिए निवेश करता है, तो सामान्य नागरिकों के लिए यही ब्याज दर बढ़कर 6.50 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7.00 प्रतिशत हो जाती है। ऐसे में आप भी जानना चाहेंगे कि बैंक एफडी से 1 लाख रुपये का ब्याज कमाने के लिए कितना निवेश करना होगा। इस आर्टिकल में आपको यही बताने जा रहे हैं-
1 लाख रुपये का ब्याज कैसे कमाएं

FD (Photo: iStock)
इसे ऐसे समझें मौजूदा ब्याज दरों के हिसाब से अगर कोई सामान्य नागरिक 3 साल और 1 दिन की अवधि के लिए FD करवाता है तो उसे लगभग 4,70,000 रुपये जमा करने होंगे। इस निवेश पर ग्राहक को 6.50 प्रतिशत ब्याज दर के हिसाब से करीब 1,00,403 रुपये ब्याज के रूप में मिलेंगे। इसके बाद मैच्योरिटी पर कुल राशि बढ़कर 5,70,403 रुपये हो जाएगी।
वहीं, सीनियर सिटिजन ग्राहकों को ज्यादा ब्याज दर का अतिरिक्त फायदा मिलता है। अगर कोई वरिष्ठ नागरिक 3 साल और 1 दिन की अवधि के लिए HDFC Bank में FD करवाता है, तो उसे लगभग 4,40,000 रुपये जमा करने होंगे। इस निवेश पर ग्राहक को 7 प्रतिशत ब्याज दर के हिसाब से करीब 1,01,937 रुपये ब्याज मिलेगा और मैच्योरिटी राशि बढ़कर 5,41,937 रुपये हो जाएगी। यानी वरिष्ठ नागरिकों को कम निवेश में ज्यादा ब्याज का फायदा मिल सकता है।
| ग्राहक श्रेणी | निवेश अवधि | ब्याज दर | निवेश राशि | मिलने वाला ब्याज | मैच्योरिटी अमाउंट |
|---|---|---|---|---|---|
| सामान्य नागरिक | 3 साल | 6.45% | ₹4,70,000 | ₹99,460 | ₹5,69,460 |
| सीनियर सिटिजन | 3 साल | 6.95% | ₹4,40,000 | ₹1,01,035 | ₹5,41,035 |
| सामान्य नागरिक | 3 साल 1 दिन | 6.50% | ₹4,70,000 | ₹1,00,403 | ₹5,70,403 |
| सीनियर सिटिजन | 3 साल 1 दिन | 7.00% | ₹4,40,000 | ₹1,01,937 | ₹5,41,937 |
FD में क्यों करें निवेश
FD को भारत में सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक माना जाता है। खासकर ऐसे लोग जो मार्केट रिस्क नहीं लेना चाहते, उनके लिए एफडी काफी लोकप्रिय विकल्प माना जाता है। इसमें निवेश करने के बाद पहले से तय ब्याज दर के हिसाब से रिटर्न मिलता है, जिससे भविष्य की फाइनेंशियल प्लानिंग आसान हो जाती है।
एफडी के ब्याज पर टैक्स
हालांकि,FD करवाते समय लिक्विडिटी का भी ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि समय से पहले FD तोड़ने पर बैंक पेनल्टी चार्ज कर सकता है और ब्याज भी कम मिल सकता है। इसलिए निवेश की अवधि अपनी जरूरत और फ्यूचर प्लानिंग के हिसाब से चुनना बेहतर माना जाता है। इसके अलावा, यह भी ध्यान रखें कि FD पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स भी लगता है। अगर किसी वित्त वर्ष में FD से मिलने वाला कुल ब्याज तय सीमा से ज्यादा हो जाता है, तो बैंक TDS काट सकता है।
