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गुटखे से ड्रग्स और फिर रियल एस्टेट तक सलीम डोला ने कैसे खड़ा किया 5000 करोड़ का ड्रग सिंडिकेट?

मुंबई की गलियों में गुटखा बेचने वाले से 5000 करोड़ के ड्रग साम्राज्य का मालिक बनने तक, सलीम डोला का सफर सनसनीखेज है। आइए जानते हैं कौन है सलीम डोला और कैसे उसने गुटखे से ड्रग्स और फिर रियल एस्टेट तक में 5000 करोड़ का सिंडिकेट खड़ा किया?

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दाऊद के करीबी सलीम डोला ने कैसे खड़ा किया 5000 करोड़ का ड्रग सिंडिकेट?

मुंबई की गलियों में कभी मामूली गुटखा बेचने वाला सलीम डोला (Salim Dola) आज इंटरनेशनल क्राइम वर्ल्ड का एक ऐसा नाम बन चुका है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। हाल ही में तुर्की (Turkey) में पकड़े गए सलीम डोला की कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी लगती है। उसकी शुरुआत बहुत ही सिंपल थी, लेकिन दौलत और पावर की लालच ने उसे नशीले पदार्थों के काले कारोबार की ओर धकेल दिया। शुरुआत में छोटे-मोटे नशे के कारोबार से जुड़ने के बाद उसने धीरे-धीरे अपना नेटवर्क बढ़ाना शुरू किया और देखते ही देखते वह मुंबई और उसके आसपास के इलाकों का बड़ा 'ड्रग लॉर्ड' बन गया। आइए जानते हैं कौन है सलीम डोला और कैसे उसने गुटखे से ड्रग्स और फिर रियल एस्टेट तक में 5000 करोड़ का सिंडिकेट खड़ा किया?

कैसे करोड़ों का मालिक बना सलीम डोला?

सलीम डोला की असली ताकत उसका वह सिंडिकेट था, जो केवल गांजे या चरस तक सीमित नहीं रहा। उसने 'पार्टी पिल्स' (Party Pills) और सिंथेटिक ड्रग्स के बाजार में कदम रखा, जिसकी मांग बड़े शहरों के क्लबों और हाई-प्रोफाइल पार्टियों में बहुत ज्यादा थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, सलीम ने एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया जो विदेशों से नशीले पदार्थ मंगवाता था और देश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई करता था। अनुमान लगाया गया है कि उसका यह ड्रग सिंडिकेट लगभग 5000 करोड़ रुपये का है। उसने तस्करी के लिए ऐसे रास्तों और तरीकों का इस्तेमाल किया कि लंबे समय तक वह पुलिस की आंखों में धूल झोंकने में कामयाब रहा।

ड्रग्स के पैसे से रियल एस्टेट का धंधा

सलीम डोला सिर्फ ड्रग्स बेचने तक नहीं रुका। जुर्म की दुनिया में एक पुरानी कहावत है कि 'काले धन को सफेद करना जरूरी है'। सलीम ने भी यही किया। ड्रग्स की तस्करी से जो करोड़ों-अरबों रुपये आए, उसे उसने मुंबई और अन्य शहरों के रियल एस्टेट सेक्टर (Real Estate) में निवेश करना शुरू कर दिया। उसने बड़ी-बड़ी संपत्तियां खरीदीं और कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाया। इससे न केवल उसका पैसा 'व्हाइट' होने लगा, बल्कि समाज में उसकी पकड़ भी मजबूत होने लगी। रियल एस्टेट का इस्तेमाल उसने अपने ड्रग सिंडिकेट को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए एक ढाल के रूप में किया।

दाऊद इब्राहिम से कनेक्शन

सलीम डोला की कुंडली खंगालने पर उसके तार अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और डी-कंपनी (D-Company) से भी जुड़े मिले हैं। बताया जाता है कि वह दाऊद के करीबी गुर्गों के संपर्क में था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स की खेप पहुंचाने में उनकी मदद लेता था। यही कारण था कि भारत में दबाव बढ़ने पर वह देश छोड़कर भाग गया और खाड़ी देशों व तुर्की जैसे स्थानों से अपना काला कारोबार चलाने लगा। उसके सिंडिकेट के तार पाकिस्तान, दुबई और यूरोप तक फैले हुए हैं, जो यह साबित करता है कि वह महज एक लोकल डीलर नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बन चुका था।

तुर्की में गिरफ्तारी और एजेंसियों की कामयाबी

लंबे समय से फरार चल रहे सलीम डोला को पकड़ने के लिए भारतीय एजेंसियां लगातार कोशिश कर रही थीं। इंटरपोल (Interpol) और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय के बाद उसे तुर्की में हिरासत में लिया गया। उसकी गिरफ्तारी को ड्रग्स के खिलाफ भारत की एक बड़ी जीत माना जा रहा है। एजेंसियों को उम्मीद है कि सलीम से पूछताछ में कई बड़े सफेदपोशों और अंडरवर्ल्ड के नए चेहरों के नाम सामने आएंगे।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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