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सुविधाजनक होगी हेमकुंड साहिब की यात्रा, सरकार बनाएगी 12 किलोमीटर लंबा रोपवे

सोनप्रयाग से केदारनाथ के बीच 12.9 किलोमीटर और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिबजी 12.4 किमी की रोपवे परियोजनाएं शामिल हैं, जिनपर कुल 6,811 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन दो महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के निर्माण की समयसीमा चार से छह वर्ष निर्धारित की गई है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) के निर्णयों की जानकारी सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी।

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सुविधाजनक होगी हेमकुंड साहिब की यात्रा, सरकार बनाएगी 12 किलोमीटर लंबा रोपवे

Photo : Times Now Digital

Hemkunt Sahib Ropeway: सरकार ने बुधवार को उत्तराखंड में दो रोपवे परियोजनाओं को मंजूरी दे दी। इनमें सोनप्रयाग से केदारनाथ के बीच 12.9 किलोमीटर और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिबजी 12.4 किमी की रोपवे परियोजनाएं शामिल हैं, जिनपर कुल 6,811 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन दो महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के निर्माण की समयसीमा चार से छह वर्ष निर्धारित की गई है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) के निर्णयों की जानकारी सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी।

सोनप्रयाग से केदारनाथ तक

सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12.9 किमी लंबे रोपवे का निर्माण डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) प्रारूप पर किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 4,081.28 करोड़ रुपये होगी। रोपवे को सार्वजनिक-निजी भागीदारी में विकसित करने की योजना है और यह सबसे उन्नत ‘ट्राई-केबल डिटैचेबल गोंडोला’ (3एस) प्रौद्योगिकी पर आधारित होगा, जिसके तहत प्रति घंटे हर ओर 1,800 यात्री यात्रा कर सकेंगे। रोपवे के जरिये प्रतिदिन 18,000 यात्री यात्रा कर सकेंगे। वैष्णव ने बताया कि गोविंदघाट से हेमकुंड साहिबजी तक 12.4 किमी लंबी रोपवे परियोजना को भी डीबीएफओटी प्रारूप पर विकसित किया जाएगा, जिसपर कुल लागत 2,730.13 करोड़ रुपये आएगी।

अभी ऐसे होती है यात्रा

वर्तमान में हेमकुंड साहिबजी की यात्रा गोविंदघाट से 21 किमी की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई है और इसे पैदल या खच्चरों या पालकियों द्वारा पूरा किया जाता है। प्रस्तावित रोपवे की योजना हेमकुंड साहिबजी के दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों और फूलों की घाटी में आने वाले पर्यटकों को सुविधा प्रदान करने के लिए बनाई गई है, और यह गोविंदघाट तथा हेमकुंड साहिब जी के बीच सभी मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा। केदारनाथ मंदिर तक की यात्रा गौरीकुंड से 16 किमी की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई है और वर्तमान में इसे पैदल या खच्चरों, पालकियों या हेलीकॉप्टर द्वारा पूरा किया जाता है। प्रस्तावित रोपवे का उद्देश्य मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करना तथा सोनप्रयाग और केदारनाथ के बीच सभी मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है।

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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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