Diesel supply Pressure : कच्चे तेल की सप्लाई का असर भले ही वैश्विक स्तर पर दिख रहा है। लेकिन, भारत की तमाम ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का दावा है कि उनके पास डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। हाल में ही Reliance Industries और ब्रिटिश कंपनी bp की जॉइंट वेंचर कंपनी Jio-BP ने अपने फ्यूल स्टेशन पर डीजल बिक्री की सीमा तय की है। हालांकि, इसे लेकर कंपनी का कहना है कि यह किसी सप्लाई प्रेशर का नतीजा नहीं है। बल्कि, सभी ग्राहकों को डीजल की समान उपलब्धता पर जोर देने की नीति का नतीजा है।
Jio-bp के फ्यूल पंप पर अब एक बार में ग्राहक को अधिकतम 50 लीटर डीजल दिया जा रहा है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक प्रत्येक आउटलेट पर एक दिन में डीजल की कुल बिक्री को भी 6,000 लीटर तक सीमित कर दी गई है। Jio-BP ने ये सीमा देश के 21 राज्यों और केंद्र साशित प्रदेशों में फैले रिटेल नेटवर्क पर लागू की है। Reliance Industries के मुताबिक जून 2026 के अंत तक कंपनी के पास 2,221 फ्यूल आउटलेट है।
कंपनी के इस फैसले की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी उन ट्रांसपोर्टर को हो सकती है, जिनके ट्रक और कमर्शियल व्हीकल को एक ट्रिप में काफी ज्यादा डीजल की जरूरत होती है। हालांकि, फिलहाल सरकारी तेल कंपनियों ने ऐसी कोई सीमा नहीं लगाई है।
आखिर क्यों लगाई गई 50 लीटर की लिमिट?
रिपोर्ट के मुताबिक Jio-BP का कहना है कि उसके सभी फ्यूल स्टेशन ऑपरेशनल हैं और वहां पर्याप्त फ्यूल स्टॉक मौजूद है। लेकिन, यह कदम बदलती डिमांड कंडीशन को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। खासकर इंडस्ट्रियल और नॉन-ट्रांसपोर्ट कस्टमर की डीजल डिमांड बढ़ने के बीच कंपनी सभी के लिए ईंधन की समान उपलब्धता सुनिश्चित करना चाहती है।
डीजल सप्लाई पर दबाव
इस समय ग्लोबल डीजल मार्केट पर पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन युद्ध का असर है। Hormuz Strait और Bab el-Mandeb जैसे अहम शिपिंग रूट बाधित हैं। इसके अलावा रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के एनर्जी इन्फ्रा को निशाना बना रहे हैं। इसकी वजह से वैश्विक स्तर पर डीजल की सप्लाई में तंगी आने की आशंका बढ़ गई है।
भारत के डीजल एक्सपोर्ट गिरावट
Global supply pressure का असर भारत के पेट्रोलियम ट्रेड पर भी दिख रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में भारत का डीजल 20.9 लाख टन रहा, जो जुलाई के 24.4 लाख टन से 14.3% कम है। वहीं, अगस्त 2025 के 25.8 लाख टन के मुकाबले भी एक्सपोर्ट करीब 19% नीचे है। Reliance Industries खुद एक बड़ी पेट्रोलियम एक्सपोर्टर है और यूरोप समेत कई बाजारों में डीजल सप्लाई करती है। सरकार ने घरेलू सप्लाई बनाए रखने के लिए पेट्रोलियम एक्सपोर्ट पर विंडफाल टैक्स भी लगाया था। हालांकि, 16 सितंबर से डीजल पर इसे ₹25 से घटाकर ₹20 प्रति लीटर कर दिया गया।
