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'दीये जलाने से फुर्सत मिल गई हो तो...', बालाघाट में 30 से ज्यादा बच्चों की मौत पर राहुल गांधी का मोहन यादव सरकार पर हमला

Balaghat Tribal Children Deaths: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के बालाघाट में 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत पर राज्य की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने सरकार पर संवेदनहीनता, कुपोषण, दूषित पानी और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का आरोप लगाया।

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बालाघाट कांड पर राहुल गांधी के तीखे सवाल (फाइल फोटो)

Photo : ANI

Balaghat Tribal Children Deaths: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से आई एक दर्दनाक खबर ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। बालाघाट के आदिवासी इलाकों में बीमारी, कुपोषण और समय पर इलाज न मिलने के कारण 30 से भी ज्यादा मासूम बच्चों की मौत की बात सामने आई है। अब इस घटना को लेकर राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और लोकसभा सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने राज्य की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव पर हमला बोलते हुए सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि मासूमों की सांसें एक-एक कर टूटती रहीं, लेकिन सरकार की नींद नहीं खुली। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी अगर दीये जलाने और त्योहार मनाने से फुर्सत पा चुके हों, तो जरा जमीन पर उतरकर प्रदेश की कड़वी सच्चाई भी देख लें। राहुल का आरोप है कि राज्य में ना तो बीमारियों पर रोकथाम है, ना पीने का साफ पानी है और ना ही कुपोषण से निपटने के कोई पुख्ता इंतजाम हैं।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा, मिलावटी दवाएं और अवैध शराब का कारोबार भी गरीब और आदिवासी परिवारों को तबाह कर रहा है। इंदौर में छात्रों और युवाओं से संवाद के लिए जा रहे राहुल गांधी ने दावा किया कि आज मध्य प्रदेश का हर वर्ग परेशान है और राज्य की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है।

प्रशासन का क्या कहना है?

दूसरी ओर, घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। बालाघाट के बीरसा ब्लॉक में डॉक्टरों की टीमें लगातार सर्वे कर रही हैं। प्रभावित इलाकों में मोबाइल मेडिकल यूनिट, दवाइयां और टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मौतों के पीछे सिर्फ एक वजह नहीं है।

जांच रिपोर्ट में क्या आया सामने?

जांच रिपोर्ट में खसरा, मलेरिया, सांस लेने में तकलीफ, निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) और खून की कमी जैसे कारण सामने आए हैं। केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही अब इन इलाकों में स्थिति को संभालने में जुटी हैं, लेकिन इस घटना ने मध्य प्रदेश की जमीनी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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