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सोना कितना खरा ! जानें गोल्ड और गोल्ड ETF का अंतर और कौन है बेस्ट

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Feb 20, 2023, 02:29 PM IST

Gold Vs Gold ETF: Gold ETF के जरिए निवेशक का पैसा शेयर बाजार में निवेश होता है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर इसके जरिए कारोबार किया जाता है। जिसकी वैल्यू गोल्ड की कीमतों के आधार पर तय होती है।

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गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ में क्या है अंतर

Photo : BCCL

Gold Vs Gold ETF: रिटेल मार्केट में सोने की कीमतें 58 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा पहुंच गई हैं। और अगर पिछले एक महीने में कीमतों के मूवमेंट को देखा जाय तो वह एक महीने के स्तर पर हैं। वहीं अगर अक्टूबर 2022 से कीमतों की तुलना की जाय तो अभी भी सोना 10-12 फीसदी का रिटर्न दे रहा है। आम तौर पर भारत में सोने को एक लंबी अवधि के लिए एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। लेकिन उसकी शुद्धता और ज्वैलरी पर लगने वाले मेकिंग चार्ज की वजह से कई बार छोटे ग्राहकों के लिए यह छोटी अवधि में फायदेमंद नहीं रह जाता है। इसे देखते हुए गोल्ड ईटीएफ जैसे विकल्प भी लोगों के सामने आ चुके हैं। जहां पर निवेशकों को शुद्धता और मेकिंग चार्ज जैसी दुविधा नहीं रहती है।

सोने से कितना अलग है गोल्ड ETF

Gold ETF के जरिए निवेशक का पैसा शेयर बाजार में निवेश होता है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर इसके जरिए कारोबार किया जाता है। जिसकी वैल्यू गोल्ड की कीमतों के आधार पर तय होती है। अहम बात यह है कि इसमें शुद्धता को लेकर कोई चिंता नहीं रहती है। क्योंकि यह गोल्ड की तरह फिजिकल फॉर्म में नहीं होता है। बल्कि इसके एक यूनिट की कीमत एक ग्राम गोल्ड की कीमत के बराबर होती है। साथ ही इसमें निवेश के लिए डीमैट अकाउंट होना जरूरी है। एक अहम बात और है कि गोल्ड ETF में निवेश के लिए मेकिंग चार्ज भी नहीं देना पड़ता है। वहीं ईटीएफ में निवेश के समय औसतन एक फीसदी मैनेजमेंट चार्ज देना पड़ता है।

कर्ज भी लिया जा सकता है

चूंकि गोल्ड ETF के लिए 99.5% या इससे अधिक शुद्धता की गारंटी होती है। इसलिए बिक्री के समय अच्छे रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। बल्कि कर्ज के लिए गोल्ड ईटीएफ को भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे गारंटी के रूप में रखकर कर्ज लिया जा सकता है।

जहां तक गोल्ड की बात है तो ज्वैलरी की खरीद कीमत और बिक्री की कीमत में हमेशा अंतर होता है। क्योंकि जब कोई व्यक्ति ज्वैलरी को बेचने जाता है, तो ज्वैलर्स मेकिंग चार्ज और शुद्दता के आधार पर कीमत तय करते हैं।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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