Gold and Silver Prices : भारतीय सर्राफा बाजार के लिए जून 2026 का महीना उथल-पुथल से भरा रहा है। शादियों का सीजन खत्म होते ही और वैश्विक आर्थिक समीकरणों में आए बदलाव के कारण सोने (gold price) और चांदी की कीमतों (silver price) में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। 23 जून 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो इस महीने दोनों कीमती धातुओं ने अपने उच्चतम स्तर से एक बड़ा गोता लगाया है। लगातार हो रही इस गिरावट ने जहां निवेशकों को थोड़ा चिंतित किया है, वहीं आम उपभोक्ताओं और आभूषण प्रेमियों के चेहरे पर रौनक ला दी है।
जून महीने में सोने की कीमतों का सफर: कितना हुआ सस्ता?
जून 2026 के शुरुआती हफ्ते में सोना अपने रिकॉर्ड स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, लेकिन 23 जून आते-आते इसमें भारी कटौती देखने को मिली है। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 1 जून 2026 को 24 कैरेट सोने की कीमत 155536 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो 23 जून तक घटकर 144788 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इस तरह इस महीने अब तक 10748 रुपये सस्ता हुआ। वहीं, आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमतों में भी भारी कमी आई है, जिससे प्रति 10 ग्राम पर ग्राहकों को सीधे तौर पर बड़ी राहत मिल रही है।
IBJA के मुताबिक सोने की ताजा कीमत
- सोना 999 (24 कैरेट): 144788
- सोना 995 (23 कैरेट): 144208
- सोना 916 (22 कैरेट): 132626
- सोना 750 (18 कैरेट): 108591
- सोना 585 (14 कैरेट): 84701
चांदी की चमक भी हुई फीकी: प्रति किलो आई बड़ी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी इस महीने बड़ी गिरावट देखने को मिली है। औद्योगिक मांग में आई सुस्ती और वैश्विक बाजारों में मुनाफावसूली के चलते चांदी के दाम तेजी से नीचे आए हैं। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 1 जून 2026 को चांदी की कीमत 263250 रुपये प्रति किलो थी। जो आज 23 जून 2026 तक 2,27,235 रुपये किलो हो गई। यानी चांदी इस महीने 36015 रुपये सस्ती हुई। चांदी की कीमतों में आई यह नरमी उन लोगों के लिए बेहतरीन मौका है जो भारी मात्रा में चांदी के बर्तन या सिक्के खरीदने की योजना बना रहे थे।
क्यों आ रही है सोने-चांदी के दामों में इतनी गिरावट?
बाजार एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख: अमेरिकी केंद्रीय बैंक (Fed) द्वारा ब्याज दरों को लेकर अपनाए गए कड़े रुख और डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने पर दबाव बढ़ा है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो आमतौर पर सोने की कीमतों में गिरावट आती है।
- घरेलू मांग में कमी: भारत में शादियों और त्योहारों का सीजन फिलहाल थम चुका है। हाजिर बाजार में स्थानीय ज्वैलर्स और खरीदारों की मांग सुस्त होने से कीमतों को सहारा नहीं मिल पा रहा है।
- वैश्विक मुनाफावसूली: पिछले महीनों में रिकॉर्ड तेजी देखने के बाद बड़े निवेशकों और फंड हाउसेज ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली (Profit Booking) शुरू कर दी है, जिससे बाजारों में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
खरीदारों और निवेशकों के लिए क्या है जानकारों की सलाह?
सर्राफा बाजार के एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में और गिरावट हो सकती है। हालांकि लंबी अवधि में कीमती धातुओं का आउटलुक अभी भी मजबूत बना हुआ है। अगर आप आने वाले समय में शादी-ब्याह के लिए आभूषण खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो मौजूदा कीमतों पर धीरे-धीरे खरीदारी शुरू करना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है। वहीं, निवेशकों के लिए भी यह 'डिप में खरीदारी' (Buy on Dips) करने का एक अच्छा अवसर है, क्योंकि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थितियों को देखते हुए लंबी अवधि में सोना एक बार फिर सुरक्षित निवेश के रूप में अपनी चमक बिखेर सकता है। हालांकि, बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय किस्तों में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं है, अगर आपको निवेश करना है तो एक्सपर्ट से संपर्क करें।)
