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मेघालय में बड़ा सियासी उलटफेर, UDP के 8 विधायकों ने थामा BJP का दामन, कितनी बढ़ी ताकत?

यूडीपी के 8 विधायकों के पाला बदलने के साथ ही 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में बीजेपी विधायकों की संख्या 2 से बढ़कर 10 हो गई है। इसके साथ ही बीजेपी सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के बाद राज्य में दूसरी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बन गई है।

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मेघालय में 8 यूडीपी विधायक बीजेपी में शामिल

Meghalaya UDP MLA: मेघालय की राजनीति में एक बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के 8 मौजूदा विधायकों ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। इससे पहले (UDP) के पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता डॉ. जेमिनो मावथोह (Jemino Mawthoh) अपने समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए थे। उनके इस कदम के बाद बाकी विधायकों के भी बीजेपी में शामिल होने की मजबूत संभावना बन गई थी। इस घटनाक्रम के बाद राज्य के सियासी समीकरण पूरी तरह बदलते दिख रहे हैं।

बीजेपी विधायकों की संख्या 2 से बढ़कर 10

यूडीपी के 8 विधायकों के पाला बदलने के साथ ही 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में बीजेपी विधायकों की संख्या 2 से बढ़कर 10 हो गई है। इसके साथ ही बीजेपी सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के बाद राज्य में दूसरी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बन गई है। सभी 8 विधायक दिल्ली में संबित पात्रा और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजु की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुए। इस घटनाक्रम के बाद राज्य में बीजेपी की ताकत में इजाफा होगा। अभी राज्य में बीजेपी के सिर्फ दो ही विधायक हैं।

जेमिनो मावथोह का बीजेपी में प्रवेश

UDP के पूर्व महासचिव और उपाध्यक्ष रहे जेमिनो मावथोह ने शिलांग स्थित बीजेपी राज्य मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने मई में यूडीपी से इस्तीफा दिया था। मावथोह ने कहा कि वह पार्टी के सिद्धांतों, एकात्म मानववाद और सकारात्मक धर्मनिरपेक्षता से प्रभावित होकर बीजेपी में शामिल हुए हैं।

8 विधायकों का 'मिशन-8'

UDP के कुल 12 विधायकों में से 8 विधायकों का एक समूह बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ बातचीत कर रहा था। दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) से बचने के लिए दो-तिहाई बहुमत (12 में से 8 विधायक) जरूरी है, जिससे बिना किसी कानूनी बाधा के यह विलय संभव हो सका।

विधायकों की मांगें

UDP के बागी विधायकों (जिनमें कैबिनेट मंत्री लखमेन रिम्बुई, बालाजीद कुपार सिनरेम और ओलन सिंग सुइन शामिल हैं) ने स्पष्ट किया है कि वे राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए बीजेपी के साथ बातचीत कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांगों में शामिल हैं-

  • खासी भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करना।
  • राज्य में कोयला खनन पर लगी पाबंदियों को हटाना।
  • अवैध प्रवास को रोकने के लिए 'मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट' (MRSSA) को लागू करना।

मेघालय सरकार का समीकरण

वर्तमान में मेघालय में एनपीपी (NPP) के नेतृत्व वाली 'मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस' (MDA) सरकार है। मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की पार्टी NPP के पास 33 विधायक हैं। UDP (12 विधायक) और BJP (2 विधायक) दोनों ही इस गठबंधन सरकार का हिस्सा हैं। विधायकों की संख्या बढ़ने पर बीजेपी सरकार में अपनी हिस्सेदारी और कैबिनेट पदों की मांग बढ़ा सकती है।

क्या होगा राजनीतिक असर?

ईसाई बहुल राज्य मेघालय में बीजेपी अपने जनाधार को लगातार मजबूत करने में जुटी है। UDP विधायकों के संभावित दलबदल से 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में बीजेपी की स्थिति काफी मजबूत हो जाएगी। बीजेपी का लक्ष्य पूर्वोत्तर में कदम लगातार मजबूत करना है और इस घटनाक्रम से वह इस दिशा में एक और कदम आगे बढ़ गई है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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