NSE IPO में पैसा लगाने वाले भग्यशाली निवेशकों को अलॉटमेंट मिल गया है। रिटेल पार्टिसिपेशन कम होने से बहुत सारे निवेशकों को इस बार अलॉटमेंट मिला है। कल यानी 25 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्टिंग है। हालांकि, इससे पहले ग्रे मार्केट में GMP गिरकर 2.41% पर आ गया है। NSE IPO का आखिरी दर्ज ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹43 है, जो 23 सितंबर 2026 को सुबह 9:37 बजे अपडेट किया गया। ₹1,785 के ऊपरी मूल्य बैंड के आधार पर NSE IPO की अनुमानित लिस्टिंग कीमत ₹1,828 है।
यानी प्रति शेयर करीब 2.41% के लाभ की उम्मीद है। इसको देखते हुए बहुत सारे निवेशक असमंजस में है। अगर आप भी इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं तो आइए आपको बताते हैं कि लिस्टिंग पर बेचकर मुनाफा कमाना चाहिए या लॉन्ग टर्म के लिए होल्ड करना चाहिए?
मार्केट एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
मार्केट एक्सपर्ट राकेश बंसलका कहना है कि मेरी राय साफ है, निवेशकों को लिस्टिंग गेन के पीछे मत भागना चाहिए। NSE को कम से कम अगले 10 साल के लिए होल्ड करने के नजरिए से देखिए। आज निफ्टी में मंथली और वीकली एक्सपायरी है। आने वाले समय में निफ्टी, मिडकैप और बैंक निफ्टी में डेली एक्सपायरी शुरू हो सकती है। ऐसे में F&O का वॉल्यूम कितना बड़ा हो सकता है, इसकी कल्पना कीजिए। NSE का मुनाफा भी उसी अनुपात में बढ़ सकता है। NSE इतिहास रच सकता है और इस सदी का सबसे बड़ा वेल्थ क्रिएटर बन सकता है।
लिस्टिंग पर किन्हें बेचना चाहिए?
अगर आपका मकसद सिर्फ IPO से तुरंत कमाई करना था, तो लिस्टिंग डे पर बेचकर निकल लें। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम में गिरावट के चलते लिस्टिंग फ्लैट या मामूली बढ़त के साथ हो सकती है। ऐसे में अगर लिस्टिंग गेन सीमित रहता है, तो मुनाफा बहुत बड़ा नहीं होगा। अगर आप लिस्टिंग वाले दिन तुरंत नहीं बेचते हैं, तो एक सख्त स्टॉप-लॉस (Stop-Loss) लगाकर रखें ताकि बाजार के उतार-चढ़ाव से आपकी पूंजी सुरक्षित रहे।
लॉन्ग टर्म के लिए कौन होल्ड करें?
अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं और भारतीय वित्तीय बाजार के विकास पर भरोसा रखते हैं, तो NSE के शेयर होल्ड करना एक मजबूत विकल्प हो सकता है। अगर आप 3 से 5 साल तक निवेशित रह सकते हैं तो आपको नहीं बेचना चाहिए। ऐसा इसलिए कि भारतीय इक्विटी और डेरिवेटिव्स मार्केट में NSE की हिस्सेदारी बहुत बड़ी है। कंपनी का रेवेन्यू और मुनाफा लगातार रिकॉर्ड स्तर पर रहा है। भारत में रिटेल निवेशकों की संख्या और कैपिटल मार्केट में भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जिसका सीधा फायदा एनएसई को मिलेगा।
