देश भर के रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए 1 अगस्त का दिन बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। इंडियन ऑयल (Indane), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP Gas) और भारत पेट्रोलियम (Bharat Gas) जैसी प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियां 1 अगस्त 2026 से एलपीजी (LPG) सिलेंडर से जुड़े कई अहम नियमों और दरों में संशोधन करने जा रही हैं। अगले महीने से कुकिंग गैस से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिनमें एलपीजी (LPG) बुकिंग के समय का अंतर और एलपीजी से पीएनजी (PNG) कनेक्शन पर स्विच करने जैसे प्रमुख प्रावधान शामिल हैं। इसलिए, किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए भारतीय परिवारों को सिलेंडर बुक करने से पहले इन नए नियमों को अच्छे से समझ लेना चाहिए।
1 अगस्त से बदल सकते हैं ये नियम
कीमतों में बदलाव
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और बेंचमार्क दरों के आधार पर घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के दामों की समीक्षा करती हैं। हालिया वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और मुद्रास्फीति के आंकड़ों को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि 1 अगस्त से एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में नया बदलाव देखने को मिल सकता है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों के साथ-साथ 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडरों की दरों में संशोधन की संभावना है, जिसका सीधा असर आम जनता के मंथली बजट और होटल रेस्टोरेंट वालों पर पड़ेगा।
e-KYC को लेकर नियम
कीमतों में बदलाव के अलावा दूसरा सबसे बड़ा और जरूरी अपडेट एलपीजी ग्राहकों की e-KYC (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। तेल कंपनियों और सरकार ने धोखाधड़ी रोकने तथा सब्सिडी का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए बायोमेट्रिक e-KYC को अनिवार्य कर दिया है। जिन इंडेन, एचपी और भारत गैस के उपभोक्ताओं ने अब तक अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें 1 अगस्त से सब्सिडी पाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है या फिर उनके कनेक्शन पर अस्थायी रोक भी लगाई जा सकती है। इसके लिए ग्राहकों को अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराने या आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए फेस-ऑथेंटिकेशन से केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है ताकि उनकी सब्सिडी निर्बाध रूप से सीधे बैंक खाते में आती रहे।
डिलीवरी को लेकर नियम
1 अगस्त से सुरक्षा मानकों को और कड़ा करते हुए डिलीवरी प्रमाणीकरण प्रणाली (Delivery Authentication Code - DAC) को और अधिक सख्त बनाया जा रहा है। अब ग्राहक द्वारा सिलेंडर बुक करने के बाद उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा, जिसे डिलीवरी बॉय को दिखाना अनिवार्य होगा। इसके बिना सिलेंडर हैंडओवर नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, फर्जीवाड़े को रोकने के लिए वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडरों की ट्रैकिंग भी बढ़ाई जा रही है। इन सभी बदलावों का मुख्य उद्देश्य देश भर के लाखों एलपीजी उपभोक्ताओं को सुरक्षित, पारदर्शी और सुव्यवस्थित सेवाएं प्रदान करना है, जिससे ब्लैक मार्केटिंग पर भी पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।
