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ईरान वॉर का असर पाकिस्तान के बाद इस देश में 15 रुपए महंगा हुआ पेट्रोल, 300 रुपए तक एलपीजी भी हुई महंगी

भारत के पड़ोसी देश नेपाल में भी तेल और ईंधन का संकट गहराता जा रहा है। नेपाल सरकार ने रविवार रात से ही पेट्रोल के दाम में ₹15 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी कर दी है, जबकि डीजल अब ₹10 प्रति लीटर महंगा हो गया है। इसके साथ ही, आम जनता की रसोई पर बोझ बढ़ाते हुए एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी एकमुश्त ₹296 का इजाफा किया गया है।

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Petrol Price In Nepal

ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव ने अब दक्षिण एशिया के देशों की कमर तोड़नी शुरू कर दी है। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में उपजे इस संकट का सबसे गहरा असर भारत के पड़ोसी देश नेपाल पर देखने को मिल रहा है। वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई चेन बाधित होने और कीमतों में अस्थिरता के कारण नेपाल सरकार ने एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। नेपाल ऑयल निगम (NOC) ने एक ही झटके में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले ने नेपाल की आम जनता की जेब पर सीधा बोझ डाल दिया है, जिससे वहां महंगाई का एक नया दौर शुरू होने की आशंका जताई जा रही है।

नेपाल में बढे पेट्रोल-डीजल

नेपाल ऑयल निगम द्वारा जारी किए गए नए रेट कार्ड के अनुसार, रविवार रात 12 बजे से ही देश में ईंधन की नई कीमतें लागू कर दी गई हैं। इस बढ़ोतरी के तहत पेट्रोल की कीमतों में 15 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है, जबकि डीजल के दाम में 10 रुपये प्रति लीटर की भारी-भरकम बढ़ोतरी हुई है। केवल वाहन ईंधन ही नहीं, बल्कि आम रसोई पर भी महंगाई की मार पड़ी है। खाना पकाने वाली गैस यानी एलपीजी सिलेंडर के दाम 296 रुपये बढ़ा दिए गए हैं। निगम ने स्पष्ट किया है कि दुनियाभर में तेल का संकट गहराता जा रहा है और सप्लाई बाधित होने की वजह से कीमतों में बदलाव करना अब मजबूरी बन गया था।

इतनी हो गई पेट्रोल-डीजल की कयामत

कीमतों में इस ऐतिहासिक बढ़ोतरी के बाद अब नेपाल में पेट्रोल का भाव 188 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। वहीं, डीजल अब पेट्रोल से भी महंगा होकर 196 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है। रसोई गैस के एक सिलेंडर की कीमत अब बढ़कर 2,126 रुपये हो गई है। निगम का तर्क है कि चूंकि नेपाल खुद तेल का उत्पादन नहीं करता और वह अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पूरी तरह से ग्लोबल मार्केट पर निर्भर है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाली जरा सी हलचल का सीधा असर यहां की जनता पर पड़ता है। निगम के अनुसार, तेल कीमतों का भुगतान करने और सप्लाई को सुचारू रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाना अनिवार्य था।

भारत पर निर्भर है ये देश

इस पूरे संकट के बीच नेपाल की भारत पर निर्भरता एक बार फिर खुलकर सामने आई है। नेपाल के पास अपनी कोई रिफाइनरी नहीं है और वह अपनी ईंधन और गैस की 100 फीसदी जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से भारत पर निर्भर है। नेपाल ऑयल निगम ने इस कठिन समय में भारतीय तेल कंपनी 'इंडियन ऑयल' (IOC) का विशेष आभार व्यक्त किया है। निगम ने कहा है कि जब पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, तब भी भारत और इंडियन ऑयल ने नेपाल को ईंधन की सप्लाई बिना रुके जारी रखी है। यह भारत और नेपाल के बीच के मजबूत रिश्तों का ही नतीजा है कि संकट की इस घड़ी में भी नेपाल को ईंधन की कमी का सामना नहीं करना पड़ा।

आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है क्योंकि ईरान और इजराइल के बीच का युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ा, तो तेल की कीमतें और भी ऊपर जा सकती हैं। नेपाल जैसे छोटे देशों के लिए यह स्थिति आर्थिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि बढ़ते ईंधन के दामों का असर ट्रांसपोर्टेशन और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी पड़ेगा। फिलहाल, नेपाल की सरकार और वहां का तेल निगम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन आम नागरिक के लिए अब अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराना और रसोई चलाना पहले के मुकाबले काफी महंगा हो गया है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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