देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों और अचानक रद्द होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा हमला बोला। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश का मौजूदा शिक्षा ढांचा पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक भावुक और तीखी पोस्ट साझा करते हुए राहुल गांधी ने लिखा कि किसी भी माता-पिता के लिए अपने बच्चे का दुख देखना दुनिया का सबसे बड़ा कष्ट होता है। जब भी कोई युवा हताश होकर अपनी जान गंवाता है, तो उसके पीछे एक पूरा परिवार टूट जाता है। इसके साथ ही यह हमारी पूरी शिक्षा प्रणाली की विफलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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'ईमानदार छात्रों के साथ बेईमान सिस्टम'
राहुल गांधी ने परीक्षाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि महीनों और सालों की कड़ी तैयारी एक ही रात में रद्द हो जाती है। पेपर लीक हो रहे हैं और परीक्षाएं अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी जाती हैं। हमारे देश के मासूम छात्रों से कहा जाता है कि वे ईमानदारी से मेहनत करें, लेकिन उन्हें एक ऐसे सिस्टम में ढकेल दिया जाता है जो खुद उनके साथ बिल्कुल ईमानदार नहीं है।
'पीएम मोदी को मांगनी चाहिए माफी'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री छात्रों को 'माफ करने' की बातें करते हैं, लेकिन उन्होंने आज तक उस एक भी छात्र से मुलाकात नहीं की जिसका भविष्य इन घोटालों की वजह से बर्बाद हुआ है। उन्होंने न ही उन पीड़ित परिवारों का दर्द समझा है जिनकी जीवनभर की कमाई इन परीक्षाओं की तैयारी में डूब गई।
राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की किसी तरह की माफी या सांत्वना की जरूरत नहीं है, बल्कि देश के युवाओं से प्रधानमंत्री को खुद माफी मांगनी चाहिए। गौरतलब है कि देश भर में पेपर लीक और परीक्षा घोटालों पर बढ़ते जनआक्रोश के बीच संसद ने सख्त कानून भी पारित किए हैं, लेकिन विपक्ष का मानना है कि प्रशासनिक जवाबदेही तय किए बिना केवल कानून बनाने से जमीनी हालात नहीं बदलेंगे।
