भारतीय बॉक्सर साक्षी चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं की 51 किलोग्राम कैटेगरी में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में साक्षी ने इंग्लैंड की रुबी व्हाइट को 5-0 से पटखनी दी। रिंग में साक्षी का पंच इतना दमदार की सभी जजों ने तीनों राउंड में उनके पक्ष मे फैसला सुनाया। साक्षी की इस ऐतिहासिक जीत पर उनकी मां, शीला ने कहा, "बहुत खुशी मिली है। शुरू से ही साक्षी काफी फुर्तीली थी। साक्षी के पिता सुबह शाम उसे खेल की तैयारी के लिए ले जाते थे। गांव ने बहुत साथ दिया।
एक ही गांव से दो गोल्ड मेडल
साक्षी हरियाणा, भिवानी की रहने वाली है और इसी गांव की एक अन्य बॉक्सर प्रिया ने भी भारत के लिए बॉक्सिंग में गोल्ड जीता। ऐसा पहली बार हुआ है जब एक ही गांव की दो बेटियों, प्रिया और साक्षी ने गोल्ड मेडल जीता है। गांव में खुशी की लहर है और गांव वालों का कहना है कि इन दो बेटियों ने यहां के छोटे बच्चों के लिए ओलंपिक में भाग लेने और स्वर्ण पदक घर लाने की प्रेरणा दी है जो आने वाले वक्त में देखने को मिलेगा।
एशियन गेम्स और ओलंपिक में मेडल का भरोसा
साक्षी की इस जीत पर उनके पिता मनोज कुमार ने कहा, "मुझे बड़ी खुशी है कि मेरी बेटी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। मेरी बेटी ने बहुत मेहनत की है। मुझे पूरी उम्मीद है कि एशियन गेम्स और ओलंपिक में भी बेटी गोल्ड मेडल ही जीतकर लाएगी।" भारत ने इस बार बॉक्सिंग में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। इससे पहले बॉक्सिंग में भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन बर्मिंघम में था जहां उसने 7 मेडल जीते थे। इतना ही नहीं गोल्ड मेडल जीतने के मामले में भी यह भारत का बॉक्सिंग में अब तक का बेस्ट परफॉर्मेंस है।
